पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को दोहराया कि पराली जलाने की प्रथा से किसानों को दूर करने के लिए केंद्र को उन्हें आर्थिक सहायता देनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने धान के अवशेषों को जलाने की समस्या के प्रति उदासीन रवैया अपनाने के लिए केंद्र पर निशाना भी साधा।
धान के ठूंठ को जलाये जाने की समस्या के समाधान के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘गेंद अब केंद्र के पाले में है और इस समस्या के समाधान के लिए उन्हें कोई ठोस कदम उठाना चाहिए ।’’ मुख्यमंत्री ने पराली जलाने की प्रथा पर धीरे-धीरे रोक लगाने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता देने की जरूरत को रेखांकित किया ।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब के 75 फीसदी किसानों के पास दो एकड़ से कम जमीन है और पराली का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन उनके लिए व्यवहार्य नहीं है । इससे पहले सितंबर में अमरिंदर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को प्रति क्विंटल धान के लिए 100 रुपये का मुआवजा देने की मांग की थी ।


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