Chandigarh PGI NCD Federation 11th Foundation Day: चंडीगढ़: स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER), चंडीगढ़ के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा आज विश्व एनसीडी फेडरेशन (World NCD Federation) के 11वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सीएमई (CME) का आयोजन किया गया। “हृदय रोगों से निपटना: एक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिप्रेक्ष्य” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ते हृदय रोगों (CVD) पर गहरी चिंता व्यक्त की और बचाव के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
Chandigarh News: जागरूकता वॉकथॉन: ‘स्वस्थ हृदय के लिए कदम’
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:00 बजे एक उत्साहपूर्ण जागरूकता वॉकथॉन से हुई। पीजीआई के कैरोन ब्लॉक से शुरू हुई इस वॉकथॉन को विशेषज्ञों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भारी संख्या में उपस्थित प्रतिभागियों ने पैदल चलकर शारीरिक सक्रियता का संदेश दिया। यह वॉकथॉन शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए सुखना लेक पर संपन्न हुई, जहाँ लोगों को नियमित व्यायाम के प्रति संकल्प दिलाया गया।
Dr JS Thakur health warning: विशेषज्ञ संबोधन: शराब और धूम्रपान का त्याग अनिवार्य

सत्र को संबोधित करते हुए पीजीआई के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर और विश्व एनसीडी फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. जे.एस. ठाकुर ने जीवनशैली से जुड़ी खराब आदतों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
“आज के दौर में हृदय रोग केवल बुढ़ापे की बीमारी नहीं रह गए हैं, बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। शराब का सेवन और धूम्रपान (Smoking) सीधे तौर पर हृदय की धमनियों को नुकसान पहुँचाते हैं। यदि हमें आने वाली पीढ़ी को बचाना है, तो इन व्यसनों को पूरी तरह त्यागना होगा।”
Chandigarh PGI NCD Federation 11th Foundation Day: पैकेज्ड और जंक फूड के खतरों पर चर्चा
डॉ. ठाकुर ने खान-पान की गलत आदतों को हृदय रोगों का मुख्य कारण बताते हुए आगाह किया कि: प्रिजर्वेटिव्स वाले खाद्य पदार्थ: बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद (Packaged) भोजन में हानिकारक प्रिजर्वेटिव्स और अत्यधिक नमक/चीनी होती है, जो उच्च रक्तचाप और हृदय की बीमारियों को न्योता देते हैं।
जंक फूड से परहेज: घर के बने ताजे खाने के बजाय जंक फूड और फास्ट फूड पर बढ़ती निर्भरता कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा रही है। उन्होंने फल और सब्जियों के अधिक सेवन की सलाह दी।
स्वास्थ्य प्रणाली और नीतिगत सुधार
सीएमई के दौरान अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने हृदय रोगों के बोझ को कम करने के लिए स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) के स्तर पर ही स्क्रीनिंग की सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए ताकि शुरुआती चरण में ही जोखिम कारकों की पहचान हो सके।
इस अंतरराष्ट्रीय सीएमई में पीजीआई के कई वरिष्ठ डॉक्टर, शोधकर्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। अंत में डॉ. ठाकुर ने सभी से अपनी दैनिक दिनचर्या में कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि शामिल करने का आह्वान किया।


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