पंजाब के गुरदासपुर जिले में पड़ोसी से झगड़े के बाद अकाली दल के स्थानीय नेता दलबीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई और बाद में उनके दोनों पैर भी काट दिए गए। बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ओपिन्दरजीत सिंह गुमान ने हत्या के पीछे किसी भी राजनीतिक साजिश होने की बात को नकार दिया है।
दलबीर सिंह (51) शिरोमणि अकाली दल की गुरदासपुर इकाई के उपाध्यक्ष थे और दो बार गांव के प्रधान भी रहे। उन्होंने बताया कि घटना सोमवार शाम ढिलवां गांव के डेरा बाबा नानक इलाके में हुई। एसएसपी ने बताया कि दलबीर सिंह और उनके पड़ोसी बलविंदर के बीच एक नौकर रखने को लेकर बहस हो गई थी।
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हालांकि गांववालों ने दोनों के बीच समझौता करा दिया था। पुलिस के अनुसार दलबीर सिंह और उनका बेटा सोमवार शाम जब गांव की बाहरी सीमा के पास टहल रहे थे तब बलविंदर सिंह और उनके दो बेटों मेजर सिंह (25) , मंदीप सिंह (24) और कुछ अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने बताया कि उनमें से एक ने दलबीर सिंह पर छह गोलियां चला दी। इसके बाद बलविंदर सिंह ने एक धारदार हथियार से दलबीर के पैर काट दिए।
उन्होंने बताया कि दलबीर सिंह को तुरन्त अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत लाया घोषित कर दिया। एसएसपी ने कहा कि तीन आरोपियों और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ सशस्त्र अधिनियम और भादंवि की धारा 302 (हत्या) तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी फरार है और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।


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