Punjab News: दिल्ली सरकार के मंत्री और भाजपा नेता कपिल मिश्रा एक फर्जी वीडियो साझा करने के मामले में गंभीर विवाद में फंस गए हैं। पंजाब के जालंधर की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी से जुड़े वायरल वीडियो को फर्जी करार दिया है। कोर्ट ने फॉरेंसिक जांच के आधार पर वीडियो में छेड़छाड़ की पुष्टि होने के बाद सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इसे तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।
Punjab News: क्या है पूरा मामला
यह विवाद नवंबर 2025 में दिल्ली विधानसभा में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। यह कार्यक्रम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर की शहादत की 350वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम का एक छोटा सा वीडियो क्लिप जनवरी 2026 की शुरुआत में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
इस वायरल क्लिप में दावा किया गया कि आतिशी ने गुरु तेग बहादुर के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। कपिल मिश्रा ने इस वीडियो को अपने X अकाउंट पर शेयर करते हुए आरोप लगाया कि आतिशी ने सिख गुरु का अपमान किया है। इसके बाद यह वीडियो तेजी से फैल गया।
Kapil Mishra News: राजनीतिक नेताओं ने भी किया शेयर
कपिल मिश्रा के बाद कई भाजपा विधायकों, कुछ कांग्रेस नेताओं और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी इस वीडियो को साझा किया। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया। सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जालंधर पुलिस ने दर्ज की FIR
मामला बढ़ने पर 7 जनवरी 2026 को पंजाब के जालंधर में पुलिस ने FIR दर्ज की। यह शिकायत स्थानीय AAP नेता इकबाल सिंह ने दर्ज कराई थी। FIR में कपिल मिश्रा समेत कई नेताओं के नाम शामिल किए गए। पुलिस ने कपिल मिश्रा के X अकाउंट से वीडियो डाउनलोड कर उसे पंजाब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, मोहाली भेजा। 9 जनवरी को आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
फॉरेंसिक जांच में ऑडियो स्पेक्ट्रोग्राफिक और मेटाडेटा एनालिसिस के जरिए यह साफ हो गया कि वीडियो में जानबूझकर एडिटिंग की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आतिशी ने अपने भाषण में “गुरु” शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया था। वीडियो के साथ जो कैप्शन जोड़ा गया, वह भ्रामक था और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से बनाया गया था।
कोर्ट का सख्त आदेश
15 जनवरी 2026 को जब यह रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई, तो जज ने वीडियो को “डिजिटली डॉक्टर्ड” बताया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह का कंटेंट सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकता है। इसके बाद X, फेसबुक, यूट्यूब समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को वीडियो हटाने और संबंधित लिंक डिलीट करने का आदेश दिया गया।
AAP का फैसला पर स्वागत
आम आदमी पार्टी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह साबित हो गया है कि आतिशी के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे थे। उन्होंने कपिल मिश्रा को मंत्री पद से हटाने और भाजपा नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग की। आतिशी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह वीडियो असल में प्रदूषण पर चल रही बहस से जुड़ा था, जिसे तोड़-मरोड़कर गलत रूप में पेश किया गया।
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