Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के अधीन राज्य के बिजली क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि AAP पार्टी की सरकार के कार्यकाल में बिजली विभाग ने घाटे से निकलकर मुनाफे की दिशा में कदम बढ़ाया है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को मुफ्त बिजली भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पंजाब का बिजली विभाग आर्थिक संकट में था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
सरकार ने न केवल व्यवस्था को बेहतर किया बल्कि इसे लाभ में भी लाया है। खास बात यह है कि करीब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली देने के बावजूद विभाग मुनाफा कमा रहा है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
Punjab News: मुफ्त बिजली से आम जनता को राहत

सरकार की ओर से हर घर को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। इसका फायदा यह हुआ है कि ज्यादातर परिवारों का बिजली बिल शून्य आ रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना ने आम लोगों पर आर्थिक बोझ काफी कम किया है। पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की प्रवृत्ति थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस सोच को बदलते हुए 540 मेगावाट का गोइंदवाल थर्मल पावर प्लांट खरीदा। इससे बिजली उत्पादन में सुधार हुआ और राज्य की ऊर्जा क्षमता बढ़ी।
उद्योग और व्यापार को राहत

सरकार ने केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि व्यापारिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दरों में कमी की है। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिला है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को अब लगातार और पर्याप्त बिजली मिल रही है। खासकर धान के सीजन में आठ घंटे से ज्यादा बिजली दी गई और दिन के समय लगभग 95 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। सरकार ने बिजली के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था में भी बड़ा सुधार किया है। पहले केवल 22 प्रतिशत खेतों में नहरी पानी का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि इसे 90 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए।
भाखड़ा नहर की क्षमता में वृद्धि
भाखड़ा नहर की क्षमता 9500 क्यूसेक थी, लेकिन सरकार के प्रयासों से अब किसानों को 11,000 क्यूसेक पानी मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे बिना अतिरिक्त जमीन लिए नई नहर जैसी उपलब्धि बताया। बिजली विभाग में रोजगार को बढ़ावा देते हुए सरकार ने अप्रैल 2022 से अब तक 9593 युवाओं को नौकरी दी है। इनमें से 8014 सीधी भर्ती से और 1579 लोगों को विशेष आधार पर नियुक्ति मिली है। इसके अलावा 1750 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अभी भी जारी है।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

पंजाब के बिजली विभाग को ए+ रेटिंग मिली है और यह राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि राज्य के बिजली क्षेत्र में सुधार को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून 2025 को राज्य ने 16,670 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग को पूरा किया। यह पिछले रिकॉर्ड से भी ज्यादा है, जो 2024 में 16,058 मेगावाट था। सरकार ने 1080 करोड़ रुपये में गोइंदवाल थर्मल प्लांट खरीदा, जबकि इसी क्षमता का नया प्लांट बनाने में करीब 4320 करोड़ रुपये खर्च होते। इस तरह यह सरकार का एक सस्ता और फायदेमंद निर्णय साबित हुआ।
प्लांट की कार्यक्षमता में सुधार
गोइंदवाल प्लांट का प्रदर्शन पहले कमजोर था, लेकिन अधिग्रहण के बाद इसमें सुधार हुआ। प्लांट लोड फैक्टर 34 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत हो गया और कुछ महीनों में यह 90 प्रतिशत तक भी पहुंचा। राज्य की ट्रांसमिशन क्षमता भी बढ़ाई गई है। पहले यह 7400-8000 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 10400-10900 मेगावाट हो गई है। इससे राष्ट्रीय ग्रिड से बिजली लेना आसान हुआ है।
पच्छवाड़ा कोयला खदान से फिर से आपूर्ति शुरू होने के बाद राज्य को बड़ा लाभ मिला है। 2024-25 में 70 लाख मीट्रिक टन कोयला मिला, जिससे हजारों करोड़ रुपये की बचत हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसी भी थर्मल प्लांट में कोयले की कमी नहीं है। सभी प्लांट्स में कई दिनों का स्टॉक उपलब्ध है, जिससे बिजली उत्पादन लगातार जारी रह सकता है।
जल विद्युत परियोजनाओं पर काम
206 मेगावाट का शाहपुर कंडी हाइडल प्रोजेक्ट मई 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना पर अब तक हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अगले छह साल में ग्रीन एनर्जी का उपयोग 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जाए। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है और हजारों मेगावाट की क्षमता जोड़ी जा रही है। पहले सौर ऊर्जा की कीमत काफी ज्यादा थी, लेकिन अब इसे बहुत सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
बिजली ढांचे का विस्तार
राज्य में नए सबस्टेशन, ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनें स्थापित की गई हैं। इससे बिजली वितरण व्यवस्था मजबूत हुई है और लोगों को बेहतर सेवा मिल रही है। सरकार जल्द ही एक नई योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत खेतों में गुजरने वाली हाई-टेंशन तारों को जमीन के नीचे डाला जाएगा। इससे किसानों और उनकी फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।
कानून-व्यवस्था पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस को आधुनिक बनाया जा रहा है। साथ ही नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में खराब मौसम से प्रभावित गेहूं की फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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