Punjab News: अपराधियों की अब खैर नहीं! पंजाब पुलिस का ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ बना सबसे बड़ा हथियार

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Punjab News:  पंजाब पुलिस द्वारा शुरू किया गया अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) अब आधुनिक पुलिसिंग का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक की मदद से पंजाब पुलिस अपराधियों पर लगातार नजर रख रही है। इससे अपराधों की जांच तेज हुई है और अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य “सुरक्षित पंजाब” बनाना है और ICCC इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। हाल ही में पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav ने लुधियाना में नए ICCC सेंटर का उद्घाटन किया। इस परियोजना…

Punjab News:  पंजाब पुलिस द्वारा शुरू किया गया अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) अब आधुनिक पुलिसिंग का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक की मदद से पंजाब पुलिस अपराधियों पर लगातार नजर रख रही है। इससे अपराधों की जांच तेज हुई है और अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य “सुरक्षित पंजाब” बनाना है और ICCC इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। हाल ही में पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav ने लुधियाना में नए ICCC सेंटर का उद्घाटन किया। इस परियोजना के तहत शहर के 259 महत्वपूर्ण स्थानों पर लगभग 1,700 हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

लुधियाना में ट्रैफिक, पुलिस कंट्रोल रूम (PCR), सेफ सिटी और वायरलेस सिस्टम जैसी कई इकाइयों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है। इससे पुलिस विभाग के अलग-अलग विंग्स के बीच बेहतर तालमेल बना है। पहले जहां किसी घटना पर पुलिस को पहुंचने में करीब 15 मिनट लग जाते थे, वहीं अब प्रतिक्रिया समय घटकर लगभग 7 से 8 मिनट रह गया है।

Punjab News: जालंधर में कैमरों ने सुलझाए बड़े अपराध

Jalandhar में भी ICCC परियोजना काफी सफल साबित हो रही है। शहर में 1,007 हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों का बड़ा नेटवर्क लगाया गया है। इन कैमरों की मदद से पुलिस ने कई गंभीर मामलों को सुलझाने में सफलता हासिल की है। भार्गव कैंप इलाके में एक ज्वेलरी दुकान में हुई करीब 1 करोड़ रुपये के सोने और 2 लाख रुपये नकद की लूट के मामले में ICCC की तकनीक बेहद कारगर साबित हुई। पुलिस ने अलग-अलग 12 जंक्शन की फुटेज को एक साथ जोड़कर आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक किया। इसके जरिए अपराधियों के भागने का रास्ता पता चला और पुलिस उनके ठिकाने तक पहुंच गई। बाद में चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया।

भाजपा नेता और पूर्व मंत्री Manoranjan Kalia के घर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में भी ICCC ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने अपराध स्थल से लेकर जालंधर रेलवे स्टेशन तक संदिग्धों की गतिविधियों का पूरा विजुअल रिकॉर्ड तैयार किया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से एक आरोपी की पहचान हुई। बाद में उसके द्वारा फरारी के दौरान किए गए 3,500 रुपये के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए उसे चार राज्यों में ट्रैक किया गया और आखिरकार दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।

हाई-रेजोल्यूशन कैमरों से अपराधियों तक पहुंचना आसान

संतोखपुरा फायरिंग केस में भी हाई-रेजोल्यूशन कैमरों ने पुलिस की जांच को मजबूत बनाया। इस घटना में कुछ हमलावरों ने एक वेटरिनरी डॉक्टर के घर पर कई राउंड फायरिंग की थी। कैमरों में एक आरोपी वीडियो बनाते हुए और दूसरा फायरिंग करते हुए साफ दिखाई दिया। ICCC और आसपास लगे निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जोड़कर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक किया।

इसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए। आम आदमी पार्टी के नेता Satvinderpal Singh Oberoi की हत्या के मामले में भी ICCC तकनीक का इस्तेमाल किया गया। पुलिस को फुटेज में काले रंग की हूडी पहने हमलावर और उसका साथी बाइक पर दिखाई दिए। बाद में इन तस्वीरों को गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड के साथ मिलाया गया। इसके आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपियों की पहचान कर जांच को आगे बढ़ाया।

नकाबपोश बदमाश भी नहीं बच पाए

हरनामदास पुरा इलाके में स्थित एक ट्रैवल शॉप में हुई नकदी लूट की घटना में भी ICCC काफी उपयोगी साबित हुआ। कुछ नकाबपोश बदमाशों ने वहां से करीब 1.08 लाख रुपये लूट लिए थे। हालांकि आरोपियों ने चेहरा ढका हुआ था, लेकिन कैमरों ने उनके आने और भागने के रास्तों को रिकॉर्ड कर लिया। पुलिस ऑपरेटरों ने अपराध से पहले उनकी गतिविधियों को कई गलियों तक ट्रैक किया और महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। जालंधर में कुल 982 फिक्स्ड कैमरे लगातार निगरानी के लिए लगाए गए हैं। इसके अलावा 15 पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे भी मौजूद हैं, जो किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन को एक्टिव तरीके से ट्रैक कर सकते हैं।

10 ट्रांजिट प्वाइंट्स पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाए गए हैं, जहां बायोमेट्रिक मिलान किया जा सकता है। इसके अलावा 20 जगहों पर वाई-फाई हॉटस्पॉट और अतिरिक्त सेंसर भी लगाए गए हैं। ICCC ऑपरेटर “रेड शर्ट”, “व्हाइट SUV” या तेज रफ्तार वाहन जैसे संकेतों के आधार पर कुछ सेकंड में हजारों घंटों की फुटेज खंगाल सकते हैं। इससे अपराधियों की पहचान और जांच की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गई है।

AI और ह्यूमन इंटेलिजेंस का बेहतर मेल

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस की गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। पुलिस जमीनी स्तर पर लगातार कार्रवाई कर रही है और ICCC जैसी तकनीक इस अभियान को और मजबूत बना रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए पुलिस अपराध की जड़ तक पहुंचने में सफल हो रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में स्थापित ICCC सेंटर पुलिसिंग को ज्यादा प्रभावी बना रहे हैं।

ICCC में लगे ऑटोमेटेड एल्गोरिद्म लगातार 1,000 से ज्यादा कैमरों की निगरानी करते हैं। ये सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तुरंत अलर्ट जारी कर सकते हैं। यदि कहीं लावारिस सामान दिखाई देता है, भीड़ अचानक बढ़ती है या कोई कैमरे से छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम तुरंत पुलिस ऑपरेटरों को जानकारी देता है। इसके बाद मैनुअल जांच शुरू की जाती है।

शहर की सुरक्षा का ‘ब्रेन’ बना ICCC

जालंधर के पुलिस कमिश्नर Dhanpreet Randhawa ने ICCC को शहर का “ब्रेन” बताया। उनके अनुसार यह सेंटर अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाले डेटा को उपयोगी जानकारी में बदल देता है। “सिंगल पेन ऑफ ग्लास” डैशबोर्ड के जरिए ट्रैफिक, अपराध हॉटस्पॉट और नगर निगम से जुड़ी जानकारी को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है। इससे पुलिस, ट्रैफिक विभाग और नगर निगम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पुलिसिंग को आधुनिक बनाया है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल सबसे जरूरी है। पंजाब पुलिस ICCC का इस्तेमाल कर लगातार अपराधियों और उपद्रवियों पर नजर बनाए हुए है। यही कारण है कि “गैंगस्टरां ते वार” और “ऑपरेशन प्रहार” जैसी मुहिम को भी इस तकनीक से मजबूती मिली है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।