लुधियाना : आजकल चर्चित बने रहने के लिए अधिकांश लोग उतावले रहते है किंतु झूठी शौहरत और हराम की कमाई को नजरअंदाज करने वाले पंजाब के नायब शाही इमाम मौलाना उस्मान ने अपनी फितरत के खिलाफ चलना मुनासिब ना समझा। स्वत्रंता सेनानी परिवार से जुड़े रहने वाले मौलाना उस्मान ने देश के बहुचर्चित टीवी शो ‘बिग बॉस’ को ठुकराए जाने पर प्रतिक्रिया स्वरूप दिल्ली पंजाब केसरी के प्रतिनिधि से बातचीत करते हुए माना कि उन्हें अक्तूबर में शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के लिए निमंत्रण आया था, किंतु उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया, क्योंकि ऐसे कार्यक्रमों से देश और समाज का कोई भी भला होने वाला नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने बिग बॉस कार्यक्रम के आयोजकों को स्पष्ट किया है कि भविष्य में अगर कोई देशभक्ति या समाज भलाई का कार्यक्रम होगा तो वह सहर्ष शामिल हो सकते है। स्मरण रहे कि मौलाना उस्मान ने जहां अपने नजरिए मुताबिक इस्लाम धर्म से जुड़े अधिकांश गरीब बच्चों को मुफत पढ़ाने का जिम्मा उठा रखा है वही समय-समय पर हिंदु-मुस्लिम-सिख एकता के लिए भी वह अकसर कार्यक्रम करके चर्चित रहे है।
उल्लेखनीय है टीवी शो बिग बॉस में शामिल होने के लिए युवा मुस्लिम विद्वान व पंजाब के नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी को निमंत्रण दिया गया, जिसे कि नायब शाही इमाम उसमान रहमानी ने स्वीकार नहीं किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत में जीईसी चैनलज को प्रोग्राम देने वाली कंपनी ऐंडेमोल शाइन की तरफ से इमेल तथा फोन के जरिए मौलाना उसमान रहमानी से संपर्क किया गया और बिग बास हाऊस में शामिल होने के लिए आडीशन में भाग लेने के लिए निमंत्रित किया गया।
गौरतलब है कि जहां आज कल बिग बास के शो में भाग लेना बहुत बड़ी बात समझी जाती है वहीं पंजाब के नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी ने इसे ठुकरा कर सभी लोगों को सादगी का पैगाम दिया है। जो कि अपने आप में एक मिसाल है।
– रीना अरोड़ा


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