छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनके दिल्ली के समकक्ष अरविंद केजरीवाल ने रविवार को 13 नए स्कूल ऑफ एमिनेंस जनता को समर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन स्कूलों का निर्माण कर छात्रों के जीवन में ऊंची उड़ान भरने के सपनों को पंख दे रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाद अब पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी क्रांति देखी जा रही है। ये स्कूल उसी का प्रतिबिंब हैं। मान ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अवसर है और वह दिन दूर नहीं जब पंजाब देश में अग्रणी राज्य होगा।
छात्रों के सपनों को पंख देंगे स्कूल ऑफ एमिनेंस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की यह पहल विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के छात्र हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और राज्य का नाम रोशन करेंगे। मान ने कहा कि इस प्रयास से, छात्रों की नियति को बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा क्षेत्र में एक आदर्श बदलाव देखा जा रहा है, निजी स्कूलों के छात्र अब सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। गरीब छात्रों की भलाई के लिए ऐसे और स्कूल खोले जाएंगे। ये स्कूल आधुनिक समय के मंदिर होंगे जो छात्रों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाएंगे।
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री राज्य के लोगों के हितों के संरक्षक हैं और समय की मांग है कि उनके हाथों को मजबूत किया जाए ताकि वह केंद्र के पंजाब विरोधी रुख का जोरदार मुकाबला कर सकें। उन्होंने राज्य के लगभग आठ हजार करोड़ रुपये के फंड को रोकने के लिए केंद्र सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग राज्य के विकास के लिए उचित रूप से किया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में राज्य में विकास को गति देने के लिए अभूतपूर्व काम किया गया है। लोकसभा की सभी 13 सीटें आम आदमी पार्टी के पक्ष में देकर मान के हाथों को मजबूत करना होगा।


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