Punjab News Today: चंडीगढ़ में तीन दिवसीय नेशनल नेक्स्टजेन PEDICON 2026 का समापन

Summary :

चंडीगढ़, 20 सितंबर: एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिशियंस, चंडीगढ़ (इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स-आईएपी की शाखा) की ओर से आयोजित प्रथम नेशनल नेक्स्टजेन PEDICON 2026 का रविवार को चंडीगढ़ में समापन हुआ। 18 से 20 सितंबर तक आयोजित इस सम्मेलन की थीम “Transforming Child Health” रही। सम्मेलन में देशभर से बाल रोग विशेषज्ञों, युवा चिकित्सकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में चंडीगढ़ के तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों—GMCH सेक्टर-32, GMSH सेक्टर-16 और PGIMER—के साथ-साथ निजी क्षेत्र के बाल रोग विशेषज्ञों की भी सक्रिय भागीदारी रही। छह प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप में 300 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा   18 सितंबर को छह…

चंडीगढ़, 20 सितंबर: एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिशियंस, चंडीगढ़ (इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स-आईएपी की शाखा) की ओर से आयोजित प्रथम नेशनल नेक्स्टजेन PEDICON 2026 का रविवार को चंडीगढ़ में समापन हुआ। 18 से 20 सितंबर तक आयोजित इस सम्मेलन की थीम “Transforming Child Health” रही। सम्मेलन में देशभर से बाल रोग विशेषज्ञों, युवा चिकित्सकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन में चंडीगढ़ के तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों—GMCH सेक्टर-32, GMSH सेक्टर-16 और PGIMER—के साथ-साथ निजी क्षेत्र के बाल रोग विशेषज्ञों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

छह प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप में 300 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

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18 सितंबर को छह प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप आयोजित की गईं। इनमें पेडियाट्रिक न्यूरोलॉजी इन ऑफिस प्रैक्टिस, पेडियाट्रिक पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड एवं डॉप्लर, पेडियाट्रिक नर्सिंग (INSPIRE मॉड्यूल), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन पेडियाट्रिक प्रैक्टिस, ऑटिज्म एवं न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स तथा पेडियाट्रिक ट्यूबरकुलोसिस की चुनौतियां जैसे विषय शामिल रहे।

PGIMER, GMSH सेक्टर-16, GMCH सेक्टर-32 और अन्य स्थानों पर आयोजित इन कार्यशालाओं में करीब 300 डेलीगेट्स और 55 फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने बच्चों में न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की पहचान व उपचार, इमरजेंसी और ICU में पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड के उपयोग, ऑटिज्म की बढ़ती समस्या और इसके मल्टीडिसिप्लिनरी उपचार पर चर्चा की।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बाल चिकित्सा क्षेत्र में संभावित उपयोग के साथ-साथ इसके विवेकपूर्ण और नैतिक इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। पेडियाट्रिक ट्यूबरकुलोसिस वर्कशॉप का आयोजन यूटी चंडीगढ़ के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के सहयोग से किया गया। वहीं नर्सिंग वर्कशॉप में बीमार बच्चों की शुरुआती पहचान, व्यवस्थित जांच और समय रहते उपचार पर विशेष जोर दिया गया।

स्कूलों में बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति किया जागरूक

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मुख्य सम्मेलन के पहले दिन OJAS (Optimizing Juvenile and Adolescent Health in Schools) कार्यक्रम के तहत सेक्टर-35 डी स्थित सरकारी मॉडल हाई स्कूल में स्कूल हेल्थ एवं एजुकेशन गतिविधि आयोजित की गई। इस दौरान आईएपी की अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन, सेंट्रल आईएपी के ईबी सदस्य डॉ. नीरज कुमार और एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिशियंस, चंडीगढ़ की कार्यकारी सदस्य डॉ. गुंजन बावेजा ने विद्यार्थियों को स्वस्थ खान-पान, बेहतर पोषण, शारीरिक गतिविधि, मानसिक स्वास्थ्य तथा प्राथमिक उपचार और सेल्फ-हेल्प के बारे में जागरूक किया।

इसके अलावा सुखना लेक पर वॉकाथॉन का आयोजन 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के समर्थन में किया गया। इसमें बच्चों में संतुलित पोषण, कुपोषण और मोटापे की समस्या तथा इससे निपटने के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।

युवा पीडियाट्रिशियंस को नेतृत्व के लिए तैयार करने पर जोर

सम्मेलन का उद्घाटन आईएपी 2026 की अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन ने मुख्य अतिथि के रूप में किया, जबकि आईएपी 2026 के अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. एम. सुंगरावेलु विशेष अतिथि रहे।

डॉ. नीलम मोहन ने ‘Preparing the Next Generation of Pediatric Leaders’ विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान पीढ़ी के बाल रोग विशेषज्ञों को भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करना जरूरी है।

सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से 400 से अधिक फैकल्टी सदस्यों और डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया। सम्मेलन की खासियत युवा फैकल्टी की भागीदारी रही, जिन्होंने बाल स्वास्थ्य से जुड़े नए शोध, तकनीक, चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार साझा किए।

बच्चों में इमरजेंसी से लेकर मोटापे की दवाओं तक हुई चर्चा

प्लेनरी सत्र में बच्चों में होने वाली गंभीर चिकित्सा आपात स्थितियों, जिनमें सेप्टिक शॉक, पेडियाट्रिक स्टेटस एपिलेप्टिकस और एयरवे में विदेशी वस्तु फंसने जैसी स्थितियां शामिल हैं, की पहचान और प्रबंधन पर चर्चा की गई।

डॉ. बी.एन.एस. वालिया ऑरेशन इस वर्ष अहमदाबाद के बाल रोग विशेषज्ञ एवं पेडियाट्रिक इंफेक्शियस डिजीज विशेषज्ञ डॉ. चेतन त्रिवेदी को उनके क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रदान किया गया।

सम्मेलन में नेशनल पेडियाट्रिक क्विज, वैक्सीन और ऑटिज्म पर डिबेट, ओरल पेपर व पोस्टर प्रस्तुतियां भी हुईं। इसके अलावा न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स, किडनी से जुड़ी बीमारियों में नई प्रगति, रेबीज एवं HPV वैक्सीनेशन, डॉक्टरों के लिए वित्तीय साक्षरता, क्लिनिकल प्रैक्टिस में सोशल मीडिया के नैतिक इस्तेमाल, लीन प्रिंसिपल्स, कॉरपोरेट अस्पतालों में अवसर एवं चुनौतियां, मैकेनिकल वेंटिलेशन और बच्चों में मोटापे के उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाली नई दवाओं पर भी विशेषज्ञों ने चर्चा की।

आयोजन टीम

सम्मेलन के ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. देवेंद्र सरीन, ऑर्गनाइजिंग को-चेयरपर्सन विशाल गुलग्लानी एवं डॉ. नीरज कुमार, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुरेश कुमार अंगुराना और ट्रेजरर डॉ. विक्रम बेदी रहे।

कार्यकारी सदस्यों में डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. शिवानी रांदेव, डॉ. गुंजन बावेजा, डॉ. रेनू सुथार, डॉ. सुधांशु ग्रोवर, डॉ. सविता राठी, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. रिद्धि गुप्ता, डॉ. रीना जैन और डॉ. अनाम सिद्दीकी शामिल रहे।

Pankhil Verma