लुधियाना- गुरदासपुर : श्री करतारपुर साहिब के लांघा से संबंधित चल रहे उदघाटनीय कार्यक्रम में जब केंद्रीय मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने अपने भाषण के दौरान यह कह दिया कि 84 कत्लेआम के जिम्मेदार मगरमच्छों को बख्शा नहीं जाएंगा।
और इसके बाद ही उसने कुछ अन्य बातों का जिक्र कांग्रेस को अस्पष्ट तौर पर कह दिया तो पंडाल में बैठी संगत में शोर मच गया और इसके पश्चात ही जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और गुरदासपुर संसदीय सीट के सांसद सुनील कुमार जाखड़ ने धन्यवाद भाषण शुरू किया तो उन्होंने शुरू में ही हरसिमरत कौर बादल के नाम का जिक्र ना करते हुए कह दिया कि हां वह इस हक में है कि 84 के मगरमच्छों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
परंतु कुछ अन्य भी मगरमच्छ है जिन्हें थोड़ी देर बाद आप को ब्यास दरिया में मिलेंगे, जिन्होंने भावी पीढ़ी को नशों में डुबो कर रख दिया है। उनकी इस बात के पश्चात पंडाल में बैठे कांगेसी समर्थकों ने नारें लगाने शुरू कर दिए और माहौल में कुछ देर के लिए गर्मोगर्मी पैदा हो गई। इस पश्चात अकालियों ने भी जवाबी नारेबाजी शुरू करते हुए पंडाल से जाना शुरू कर दिया।
पूर्व केबिनेट मंत्री विक्रमजीत सिंह मजीठिया और उसके समर्थकों ने कांगे्रस सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए पंडाल से बाहर चले गए। समागम को राष्ट्रीय गान के बाद जल्दबाजी में समेट दिया गया। मजीठिया का आरोप था कि जाखड़ ने मंच से उनका नाम लिया है जोकि असहनीय था।
– सुनीलराय कामरेड


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