जयपुर : राजस्थान में पुलिस ने 4 दिन पहले पुलिस मुठभेड़ में मारे गये कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह का शव 24 घंटे में लेने के लिए आज उसके मकान पर नोटिस चिपका गया जिसके बाद राजपूत समाज का आक्रोश लगातार जारी है और आज लोगों ने चुरू जिले में रतनगढ-बीकानेर राजमार्ग पर जाम लगाया और रास्ता खुलवाने गई पुलिस पर पथराव किया तो पुलिस ने बल प्रयोग किया।
नागौर में कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह की बेटी ने मुठभेड़ की CBI जांच की मांग पूरी नहीं होने तक शव लेने से इंकार किया।
वही राजस्थान पुलिस के मुताबिक आज दोपहर बाद राजपूत समाज के लोगों ने रतनगढ़ कस्बे से लगभग 6 किमी दूर रतनगढ़-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग 11 पर जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

इससे वहां पर एक बार भगदड़ मच गई और लोग टिब्बे पर चढ़कर पुलिस एवं सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। इसके बाद हाईवे पर आवागमन सुचारू हुआ।

दूसरी ओर नागौर में कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर के चौथे दिन उसकी बेटी योगिता सिंह ने सरकार पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुये समूचे प्रकरण की CBI जांच की मांग की है।
योगिता ने बताया कि जब तक CBI जांच करवाने की मांग नहीं मानी जाती है तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। योगिता का कहना है कि हमारे परिवार में किसी ने भी शव लेने के नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, ऐसे में हम जिम्मेदार नहीं होंगे। योगिता ने कहा कि पुलिस के अनुसार शव में संक्रमण फैल गया है। यदि ऐसा हुआ है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
विशेष ये है कि जांच अधिकारी ने मंगलवार को कुख्यात बदमाश आनंदपाल सिंह के मामा अमरसिंह , आनन्दपाल के साला बलवीरसिंह , मां निर्मल कंवर और उसकी पत्नी राज कंवर को राजस्थान नियम 1965 के अधिनियम के अन्तर्गत नोटिस जारी कर 24 घंटे में शव उठाने के निर्देश दिए थे। नोटिस तामील कराने के लिए आज सुबह पुलिस आनंदपाल के घर पहुंची, लेकिन परिजनों ने नोटिस लेने से मना करने पर पुलिस ने नोटिस मकान पर चस्पा कर दिया।


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