अन्य राज्यों से लौट रहे प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य लोगों से पृथक-वास नियमों का पूरा पालन करने की अपील करते राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए पृथक-वास केंद्रों की व्यवस्था की गई है, लेकिन जो लोग उसका उपयोग नहीं करना चाहते, वे आवश्यक रूप से अपने घर में पृथक-वास में रहें और उनका पूरा परिवार सामाजिक दूरी बनाए रखे क्योंकि किसी भी तरह की लापरवाही से अब तक की सारी मेहनत व्यर्थ हो जाएगी।
गहलोत ने प्रवासियों के आवागमन एवं लॉकडाउन की समीक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों से कहा कि यात्रियों को समय पर सूचना देकर बुलाएं, ताकि स्टेशन पर भीड़ नहीं हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक करीब 14 लाख लोगों ने आवागमन के लिए पंजीयन करवाया है जिन्हें अपने-अपने गृह स्थानों पर भेजा जाना बड़ी चुनौती है।
गहलोत ने चार मई से शुरू हो रहे बंद के तीसरे चरण का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल ने फिलहाल शिविरों में रह रहे श्रमिकों के अलावा अन्य लोगों को लेने पर सहमति नहीं दी है। राज्य सरकार प्रयास कर रही है कि इन राज्यों की सरकारें जल्द सहमति प्रदान करें। अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल बताया कि शनिवार तक 45,287 लोगों को विभिन्न राज्यों में भिजवाया जा चुका है और 57,521 लोगों को प्रदेश में लाया गया है।


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