लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 संक्रमण की पहली लहर में शहरी क्षेत्र प्रभावित हुआ था, लेकिन इस बार काफी संख्या में मामले ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे हैं तथा कुछ गांवों में संक्रमण की दर 25 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। बिरला ने ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क का ढांचा तैयार करने पर बल दिया ताकि कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों को उसके घर के पास पर्याप्त चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके।
लोकसभा अध्यक्ष ने अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के लोगों के साथ डिजिटल माध्यम से संवाद में कहा कि यह आपदा की स्थिति है, जो हमें सजग और सतर्क रहने को कहती है तथा इसमें थोड़ी सी भी कोताही बड़ी समस्या पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी में कोरोना संक्रमण की कड़ी तोड़ने के लिए स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिक टीमों का गठन किया है, जो वार्ड और गांव की सुरक्षा कृतसंकल्पित होकर करेंगे।
बिरला ने कहा कि वे रोगियों को स्वास्थ्य केंद्र से उपचार दिलवाएंगे, गंभीर रोगियों को अस्पताल पहुंचाएंगे, जागरूकता उत्पन्न करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से वार्ड स्तर पर तीन से पांच सदस्यीय ‘कोरोना योद्धा दल’ गठित करने का आह्वान किया, जो संक्रमण के बारे में जागरूकता अभियान चलाये और मरीजों की दवा एवं चिकित्सा मदद करें ।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की पहली लहर में शहरी क्षेत्र प्रभावित हुआ था, लेकिन इस बार काफी संख्या में मामले ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे हैं तथा कुछ गांवों में संक्रमण की दर 25 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। कोविड-19 संक्रमण से मुकाबले के लिये सामूहिक प्रयास किये जाने की जरूरत है ।
डिजिटल माध्यम से संवाद के दौरान बूंदी जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने बिरला को उनके इलाके में कोविड-19 जांच की सुविधा की उपलब्धता की कमी और जांच रिपोर्ट चार दिन देरी में मिलने को लेकर शिकायत की और लोगों को आश्वस्त किया कि वे इस बारे में वह राज्य सरकार से चर्चा करेंगे।


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