राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को केंद्र सरकार से मांग की कि वह संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को निरस्त करे क्योंकि यह धर्म के आधार पर लोगों से भेदभाव करने वाला कानून है। राज्य विधानसभा ने सीएए के खिलाफ एक संकल्प पत्र शनिवार को ध्वनिमत से पारित किया।

इसका जिक्र करते हुए गहलोत ने ट्वीट किया, ‘‘राज्य विधानसभा ने सीएए के खिलाफ संकल्प प्रस्ताव आज पारित किया और हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह इस कानून को निरस्त करे क्योंकि यह धार्मिक आधार पर लोगों से भेदभाव करता है जो हमारे संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है।’’
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गहलोत ने कहा, ‘‘हमारा संविधान किसी भी प्रकार के भेदभाव पर रोक लगाता है। देश के इतिहास में पहली बार कोई ऐसा कानून बनाया गया है जो धार्मिक आधार पर लोगों के साथ भेदभाव करता है। यह हमारे संविधान के पंथनिरपेक्ष सिद्धांतों और हमारे संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है।’’
उन्होंने देशभर में सीएए के विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि चूंकि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है इसलिए इसे निरस्त किया जाना चाहिए।


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