राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार को कहा कि वह संवैधानिक मर्यादाओं में रहते हुए राज्यहित में काम कर रहे हैं और उनकी प्राथमिकता राज्य का चहुंमुखी विकास है। राज्यपाल मिश्र ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर यहां वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए संवाददाताओं से बातचीत की।
उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान राज्य से, यहां के लोगों से, यहां की गतिविधियों से मैं पहले से ही परिचित हूँ। अब राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर मुझे यहां कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। संवैधानिक मर्यादाओं में रह कर मैं राज्य हित में और लोगों के लिए कार्य कर रहा हूँ।’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी प्राथमिकता है कि राज्य का चहुंमुखी विकास हो। इसके लिए हमें दिव्यांगों, बालिकाओं और महिलाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है।’ मिश्र ने कहा,‘‘दिव्यांगों की हर संभव मदद के प्रयास करने हैं उनको आगे बढ़ाने के अवसर देने होंगे।
बालिकाओं की शिक्षा के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। गांव, शहर जहां भी ऐसी बालिकाएं जो विद्यालय नहीं जा पा रही हैं उन्हें उससे जोड़ना है। इसी तरह नवजात शिशु और माताओं के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना मेरी प्राथमिकताओं में है।’ उल्लेखनीय है कि मिश्र ने नौ सितंबर 2019 को राजस्थान के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया था।
मिश्र ने इस एक साल में उनके द्वारा उठाए गए कदमों व कामों का उल्लेख भी किया। मिश्र ने कहा कि कोरोन वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में योगदान करते हुए उन्होंने अपना एक माह का वेतन दिया और प्रत्येक माह का 30 प्रतिशत वेतन भी ना लेने का निश्चय किया।
राज्य सरकार द्वारा प्रभावितों को इन्जेक्शन उपलब्ध कराने को दृष्टिगत रखते हुए वे आज 20 लाख रुपये की धन राशि और दे रहे हैं। मिश्र ने कहा,‘‘कोरोना वायरस संक्रमण सभी के लिए खतरनाक है। राज्य की जनता को हर हाल में सुरक्षित रखना है। राज्य में संक्रमण को हराने के लिए चिकित्सकों ने प्रभावी कदम उठाये हैं। राज्य में जागरूता के निरन्तर प्रयास किये जा रहे है।’’


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