राजस्थान उच्च न्यायालय ने कांग्रेस में विलय को लेकर बसपा के छह विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी किया। विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ बसपा ने याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने ये नोटिस जारी किए हैं।
विधायकों को नोटिस के जवाब 11 अगस्त तक देने हैं तथा अपना पक्ष भी रखना है। संदीप यादव, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, लाखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुढ़ा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। ये सभी सितंबर 2019 में बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भाजपा के एक विधायक की उस याचिका पर आगे की सुनवाई शुरू की, जिसमें उन्होंने बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ उनकी शिकायत को खारिज करने के विधानसभाध्यक्ष के निर्णय को चुनौती दी है।
भाजपा विधायक मदन दिलावर ने इस विलय के खिलाफ एक शिकायत विधानसभाध्यक्ष सी पी जोशी के समक्ष इस वर्ष मार्च में दायर की थी, जिसे उन्होंने 24 जुलाई को खारिज कर दिया। दिलावर ने तब विधानसभाध्यक्ष के निर्णय को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका उच्च न्यायालय में दायर की।
उन्होंने आरोप लगाया है कि विधानसभाध्यक्ष ने उनकी शिकायत पर निर्णय करते समय उनका पक्ष नहीं सुना। न्यायमूर्ति महेंद्र कुमार गोयल की एक पीठ ने बुधवार को उनकी याचिका पर सुनवायी शुरू की थी लेकिन यह पूरी नहीं हो पायी थी। पीठ ने बृहस्पतिवार को आगे की सुनवायी शुरू की।


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