राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के बीच चल रही खींचतान अभी थमी नहीं है। इस बीच कांग्रेस से बागी होकर खंडेला विधानसभा से निर्दलीय विधायक बने महादेव सिंह खंडेला ने अशोक गहलोत के समर्थन में अपनी बात कही है। खंडेला का कहना है कि राजस्थान में अशोक गहलोत ही कांग्रेस हैं।
अशोक गहलोत गुट की ओर से निर्दलीय विधायक खंडेला ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अशोक गहलोत पर विश्वास जताते हुए कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत ही कांग्रेस है। सचिन पायलट को कांग्रेस ने जितना मान-सम्मान दिया, वो कहीं नहीं मिलता। लेकिन सचिन पायलट ने जो पार्टी के साथ किया, वो नहीं करना चाहिए था।
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उन्होंने कहा, आशिक गहलोत गांधी परिवार के सबसे विश्वसनीय व्यक्ति हैं। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के समय से मंत्री रहे गहलोत जी सोनिया और राहुल के भी दिल से जुड़े हुए हैं। खंडेला ने कहा, कांग्रेस मेरी मां है। 1978 में पहली बार गांव का सरपंच बना। इसके बाद 1979 में इंदिरा गांधी को जेल भेज दिया था। उस समय समर्थन में जेल गया था।
इसका सर्टिफिकेट दिखाते हुए कहा कि 1980 में ही कांग्रेस विधायक बनने का मौका मिला। 1985 में फिर से विधायक बना। इसके बाद चुनाव हार गया। बाबरी मस्जिद के कारण मध्यावधि चुनाव हुए। उसमें मेरा टिकट काट लिया, लेकिन स्थानीय लोगों ने मुझे ही कांग्रेस मानते हुए निर्दलीय जिताया। अब जनता के सामने मैं कांग्रेस की छवि धुमिल नहीं होने दूंगा।


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