भारत में कोरोना वायरस के ओमीक्रॉन वैरिएंट को लेकर दहशत का माहौल है। इस बीच राजस्थान से राहत देने वाली खबर सामने आई है। जयपुर में ओमीक्रॉन की चपेट में आए 9 लोगों की दोनों रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। हालांकि, इन्हें 7 दिन के होम क्वारंटाइन में रहना जरूरी होगा।
राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) अस्पताल में ओमीक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित 9 मरीजों की दोनों रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं है।
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उनकी ब्लड, सीटी स्कैन व अन्य सभी जांच सामान्य हैं। चिकित्सकों ने उन्हें 7 दिन क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी है। ओमीक्रॉन को कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से कहीं ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। ऐसे में अधिक सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। भारत में ओमीक्रॉन के सबसे पहले दो मामले कर्नाटक से सामने आए थे।
चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि विभाग कोरोना के नए वेरियंट को लेकर शुरू से ही सजग और सतर्क था। जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट आते ही संक्रमितों को आरयूएचएस में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया। साथ ही उनके संपर्क में आए सभी व्यक्तियों की ट्रैकिंग और ट्रेसिंग भी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि 9 मरीजों में से 4 की गुरुवार दोपहर और शेष 5 की दोनों नेगेटिव रिपोर्ट शाम को प्राप्त हुई।
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी ने कहा कि अभी ओमीक्रॉन वैरिएंट पर शोध चल रहे हैं। इस संक्रमण का प्रसार तेजी से होता है लेकिन यह डेल्टा की तरह घातक नहीं है। उन्होंने कहा कि टीके के दोनों डोज लगने पर यह कम असर करता है। उन्होंने लोगों से टीके की दोनों खुराक लगवाने की भी अपील की है।


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