राजस्थान के भीम उप जिला चिकित्सालय में नसबंदी के दौरान डाली देवी की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने डॉक्टर नीलेश यादव पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और कानूनी कार्रवाई की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजस्थान के भीम उप जिला चिकित्सालय में नसबंदी के दौरान एक महिला डाली देवी की मौत के बाद तनाव बढ़ गया है। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया और पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। परिजनों ने डॉ. नीलेश यादव पर लापरवाही का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ कार्रवाई के साथ मुआवजे की मांग की है।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भीम और कुंभलगढ़ डीवाईएसपी, चारभुजा एसएचओ, और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।सोमवार को डाली देवी का नसबंदी ऑपरेशन भीम उप जिला चिकित्सालय में हुआ था। ऑपरेशन के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई, और उन्हें बचाया नहीं जा सका। परिजनों का आरोप है कि डॉ. नीलेश यादव ने ऑपरेशन में लापरवाही बरती, जिससे उनकी मौत हुई। इसके बाद से परिजन और स्थानीय ग्रामीण गुस्से में हैं।
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सैकड़ों लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए और धरना शुरू कर दिया। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इससे पहले सोमवार को अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच समझौते की कोशिश हुई, लेकिन बातचीत विफल रही। परिजनों ने मुआवजा और डॉ. नीलेश यादव पर कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
मृतका डाली देवी का शव अजमेर के राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखा गया है, लेकिन परिजनों के विरोध के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अस्पताल के बाहर बढ़ती भीड़ और तनाव को देखते हुए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। भीम, कुंभलगढ़ डीवाईएसपी, और चारभुजा एसएचओ मौके पर मौजूद हैं, और पुलिस लाइन से अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में पहले भी लापरवाही के मामले सामने आए हैं और इस घटना ने उनके गुस्से को और भड़का दिया।


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