चित्तौडगढ़ : राजस्थान राजस्व मंडल को चित्तौडगढ़ जिले के 24 राजस्व अधिकारियों एवं कर्मियों के विरूद्ध आम लोगों की गंभीर दस्तावेजी शिकायतें प्राप्त होने पर जिला कलेक्टर को जांच कर उचित कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव भिजवाने के आदेश दिए है। इन आरोपों में शामिल एक अधिकारी तो राजस्व मंडल में ही पदस्थापित हो गया है तथा शेष स्थानांतरित हो चुके हैं।
राजस्व मंडल अजमेर के उप निबंधक (जांच) को जिले के 19 आम लोगों की शिकायतें मिली है जिनमें से आठ शिकायतें पद के दुरूपयोग की सात उपखंड अधिकारियों एवं तीन तहसीलदारों के साथ पटवारी और अन्य कर्मियों के विरूद्ध है। एक उपखंड अधिकारी पर रिश्वत लेकर खातेदारी बदलने, एक उपखंड अधिकारी पर भ्रष्टाचार एवं एक कार्मिक पर अवैध वसूली करने के सीधे आरोप लगाए गए है। इनके अलावा अन्य कई कर्मियों पर कार्यालय में जनता के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं।
तत्कालीन डूंगला के उपखंड अधिकारी वर सिंह पर वहां के भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष ने पार्टी के लेटर हेड पर सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। रिश्वत लेकर खातेदारी बदलने के आरोप चित्तौडगढ़ के तत्कालीन उपखंड अधिकारी उत्तम सिंह पर लगाए गए है। इसी प्रकार चित्तौडगढ़ के सहायक कलेक्टर रहे और वर्तमान में राजस्व मंडल में ही पदस्थ जगदीशचंद्र हेड़ा पर पद के दुरूपयोग के दो आरोप है।
सर्वाधिक शिकायतें चित्तौडगढ़ के उपखंड अधिकारी एवं तहसील कार्यालय से संबंधित है। शिकायतकर्ताओं में पत्रकार से लेकर वरिष्ठ नागरिक एवं भाजपा के पदाधिकारी शामिल है। इन शिकायतों को राजस्व मंडल ने जिला कलेक्टर को भेजकर जांच करने एवं दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मियों के विरूद्ध कार्रवाई के प्रस्ताव मंडल को भिजवाने के आदेश दिये है।
– वार्ता


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