संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बृहस्पतिवार को भाजपा सांसदों और उसके सहयोगी दलों के नेताओं से किसान आंदोलन का समर्थन करने की अपील की।
मोर्चा ने इस बात का भी जिक्र किया कि वे भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं का ‘‘शांतिपूर्ण सामाजिक बहिष्कार’’ जारी रखेंगे।
एसकेएम के एक बयान के मुताबिक, ‘‘हम भाजपा सांसदों और उसके सहयोगी दलों से तथा अन्य निर्वाचित जन प्रतिनिधियों से किसान आंदोलन का समर्थन करने का अनुरोध करते हैं। एसकेएम इन नेताओं से अपील करता है कि वे अपने पदों से इस्तीफा देने सहित किसी भी रूप में आंदोलन का समर्थन कर सकते हैं।’’
मोर्चा ने दावा किया कि हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को बृहस्पतिवार को हिसार के अपने दौरे के क्रम में किसानों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
बयान में कहा गया है, ‘‘किसानों ने किसान-विरोधी दुष्यंत चौटाला के हेलीकॉप्टर को उड़ने नहीं दिया।’’
चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जजपा) हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा की गठबंधन साझेदार है। जजपा को केंद्र के नये कृषि कानूनों का समर्थन करने को लेकर पिछले कुछ महीनों में प्रदर्शनकारी किसानों के बार-बार विरोध का सामना करना पड़ा है।
राजस्थान के हनुमानगढ़ में भी किसानों ने डाबली टोल प्लाजा पर पीलीबंगन विधायक धर्मेंद्र सिंह का घेराव किया।
बयान में कहा गया है, ‘‘वोट मांगते वक्त वे किसानों और अन्य लोगों से मीठी-मीठी बातें करते हैं, लेकिन आज जब किसान संघर्ष कर रहे हैं, वह (सिंह) उनके खिलाफ खड़े हैं।’’
इसमें कहा गया है कि पंजाब से 32 किसान संघों और एसकेएम ने किसान आंदोलन को तेज करने के लिए लक्खा सिधाना और संबद्ध युवा शक्ति के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है।
सिधाना का नाम दिल्ली पुलिस की उस प्राथमिकी में शामिल है, जो गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा के सिलसिले में दर्ज की गई थी।


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