फर्जी डिग्री और फर्जी कॉलेज! राजस्थान के इस College पर चला UGC का डंडा, छात्रों को दी सावधान रहने की सलाह

UGC Action on Fake College in Rajsthan

UGC Action on Fake College in Rajsthan: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने राजस्थान के अलवर स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान को फर्जी संस्थान घोषित किया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि इस संस्थान द्वारा दी जाने वाली कोई भी डिग्री मान्य नहीं है। ऐसे में यहां से पढ़ाई करने वाले छात्रों को भविष्य में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

UGC Action on Fake College in Rajsthan: डिग्री नहीं होगी कहीं मान्य

UGC के अनुसार, इस संस्थान से मिलने वाली डिग्री न तो उच्च शिक्षा (Higher Education) में काम आएगी और न ही किसी सरकारी नौकरी में स्वीकार की जाएगी। इसका मतलब यह है कि यहां से पढ़ाई करने वाले छात्रों का समय और पैसा दोनों बेकार हो सकता है।

बिना मान्यता चला रहा था संस्थान

आयोग ने बताया कि यह संस्थान बिना किसी वैध अनुमति के डिग्री प्रदान कर रहा था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय को डिग्री देने के लिए UGC से मान्यता जरूरी होती है, लेकिन इस संस्थान के पास ऐसी कोई अनुमति नहीं थी।

UGC एक्ट का उल्लंघन

UGC ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संस्थान UGC अधिनियम, 1956 के तहत निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहा था। इसे न तो धारा 2(एफ) के अंतर्गत मान्यता मिली थी और न ही धारा 3 के तहत इसे विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया था। इसके बावजूद यह डिग्री जारी कर रहा था, जो पूरी तरह अवैध है।

छात्रों और अभिभावकों के लिए चेतावनी

UGC ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी संस्थान में एडमिशन लेने से पहले उसकी मान्यता जरूर जांच लें। कई बार आकर्षक विज्ञापन और कम फीस के लालच में छात्र ऐसे फर्जी कॉलेजों में फंस जाते हैं, जिससे उनका करियर खतरे में पड़ जाता है।

UGC क्या करता है?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था है। इसकी स्थापना 1956 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना, विश्वविद्यालयों को मान्यता देना और उनके लिए नियम तय करना है।

सतर्क रहना बेहद जरूरी

UGC ने कहा है कि फर्जी संस्थानों से दूर रहना ही छात्रों के हित में है। सही जानकारी के अभाव में गलत फैसला लेने से करियर पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि छात्र केवल मान्यता प्राप्त और भरोसेमंद संस्थानों का ही चयन करें।

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