B. Sai Praneeth ने कहा बैडमिंटन को अलविदा, अब इस भूमिका में आएंगे नज़र

Summary :

विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता B. Sai Praneeth ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन को अलविदा कह दिया और अब वह अमेरिका में एक क्लब से मुख्य कोच के रूप में जुडेंगे । HIGHLIGHTS B. Sai Praneeth ने कहा बैडमिंटन को अलविदा वह अमेरिका में एक क्लब से मुख्य कोच के रूप में जुडेंगे 31 वर्ष के प्रणीत ने तोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था हैदराबाद के 31 वर्ष के प्रणीत ने तोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था लेकिन उसके बाद से चोटों से जूझ रहे हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा ,‘‘ मिले जुले जज्बात…

विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता B. Sai Praneeth ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन को अलविदा कह दिया और अब वह अमेरिका में एक क्लब से मुख्य कोच के रूप में जुडेंगे ।

HIGHLIGHTS

  • B. Sai Praneeth ने कहा बैडमिंटन को अलविदा
  • वह अमेरिका में एक क्लब से मुख्य कोच के रूप में जुडेंगे
  • 31 वर्ष के प्रणीत ने तोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था

हैदराबाद के 31 वर्ष के प्रणीत ने तोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था लेकिन उसके बाद से चोटों से जूझ रहे हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा ,‘‘ मिले जुले जज्बात के साथ मैं इन शब्दों के जरिये उस खेल को अलविदा कह रहा हूं जो 24 से अधिक साल से मेरे लिये सब कुछ रहा है।’’ उन्होंने लिखा ,‘ आज मैं नये अध्याय की शुरूआत कर रहा हूं और अपने अब तक के सफर के लिये अभिभूत और कृतज्ञ हूं।’’ प्रणीत ने लिखा ,‘‘ बैडमिंटन मेरा पहला प्यार और साथी रहा है । इसने मेरे वजूद को मायने दिये । जो यादें हमने साझा की, जो चुनौतियां हमने पार की , वे सदैव मेरे ह्र्दय में रहेंगी।’’ प्रणीत अगले महीने अमेरिेका में ट्रायंगल बैडमिंटन अकादमी के मुख्य कोच के रूप में जुड़ेंगे। उन्होंने पीटीआई से कहा ,‘‘ मैं अप्रैल में वहां जाऊंगा। मैं क्लब का मुख्य कोच रहूंगा और सारे खिलाड़ी मेरे मार्गदर्शन में खेलेंगे । एक बार वहां जाने के बाद ही विस्तार से बता सकूंगा।’’ अपने दो दशक से लंबे अंतरराष्ट्रीय कैरियर में प्रणीत ने 2017 सिंगापुर ओपन सुपर सीरिज खिताब जीता।

इसके अलावा स्विटजरलैंड के बासेल में 2019 विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य अपने नाम किया। वह विश्व रैंकिंग में दसवें नंबर तक पहुंचे और तोक्यो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई भी किया लेकिन सारे मैच हारकर ग्रुप चरण से ही बाहर हो गए थे। उन्होंने लिखा ,‘‘ मेरी सफलता के पीछे मेरे परिवार , मेरे दादा दादी, माता पिता और पत्नी की अथक हौसलाअफजाई रही है। उनके सहयोग के बिना कुछ भी संभव नहीं था।’’
उन्होंने लिखा ,‘‘ पुलेला गोपीचंद अन्ना, गोपीचंद अकादमी, मेरे सहयोगी और कोचिंग स्टाफ, बचपन के कोच आरिफ सर और गोवर्धन सर को भी धन्यवाद।’’ इस बीच भारत के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले कोच मोहम्मद सियादातुल्ला सिद्दीकी ने गोपीचंद अकादमी छोड़ दी है। वह अमेरिका की ओरेगोन बैडमिंटन अकादमी से जुड़ेंगे। वह पिछले कई साल से साइना नेहवाल, पी वी सिंधू, किदाम्बी श्रीकांत, एच एस प्रणय जैसे शीर्ष भारतीय खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंटों में नजर आये हैं।

Ravi Kumar

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