‘The Hundred’ में पिच-साइडिंग का खुलासा, जानें क्यों एंटी-करप्शन ऑफिसर्स को उठाना पड़ा सख्त कदम?

Summary :

द हंड्रेड के दौरान एक कपल को स्टेडियम से बाहर अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क तक लाइव मैच की जानकारी पहुंचाने के आरोप में एंटी-करप्शन अधिकारियों ने पकड़ा। यह गतिविधि 'पिच-साइडिंग' कहलाती है, जो नियमों के खिलाफ है और सट्टेबाजों को लाइव बाजार में बढ़त दिला सकती है। क्रिकेट रेगुलेटर एंटी-करप्शन के साथ-साथ safeguarding, एंटी-डोपिंग और खिलाड़ियों के misconduct जैसे मामलों पर भी नजर रखता है।

‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट में लंदन स्पिरिट और एमआई लंदन के बीच मुकाबले के दौरान एंटी-करप्शन अधिकारियों ने स्टैंड में मौजूद एक कपल को पहचान लिया। वहीं खास बात ये थी कि इसी जोड़े को इसी हफ्ते सदर्न ब्रेव के मैच के दौरान लॉर्ड्स और एजबेस्टन में हुए टी-20 ब्लास्ट फाइनल डे पर भी देखा गया था। दोनों मौकों पर अधिकारियों ने उन्हें मैदान से बाहर कर दिया था।

दरअसल, इस कपल पर आरोप है कि यह स्टेडियम से बाहर किसी तीसरी पार्टी को मैच की लाइव जानकारी पहुंचा रहा था। वहीं क्रिकेट मैच में मैदान पर होने वाली घटना और उसके टीवी स्ट्रीमिंग के बीच कुछ सेकंड का फर्क हो सकता है। ऐसे में स्टेडियम से सीधे लाइव जानकारी मिलने पर सट्टेबाजी करने वाले लोग बाजार में बाकी लोगों से पहले दांव लगाने की कोशिश कर सकते हैं।

Corruption In The Hundred League: क्या होता है पिच-साइडिंग?

What Is Picth Siding
What Is Picth Siding (Source: Google)

मैदान के अंदर से लाइव मैच की जानकारी बाहर किसी इंसान तक पहुंचाने के प्रोसेस को आम तौर पर ‘पिच-साइडिंग’ या ‘कोर्ट-साइडिंग’ कहा जाता है। यह अपने आप में गैर-कानूनी नहीं है, लेकिन खेल के नियमों के खिलाफ माना जाता है। इसी वजह से पकड़े जाने पर इस मामले से जुड़े हुए इंसान को स्टेडियम से बाहर किया जा सकता है और कुछ मामलों में पूरे वेन्यू में एंट्री पर बैन भी लगाया जा सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कपल द्वारा दूर बैठे किसी तीसरे पार्टी को लाइव जानकारी एवेलेबल कराना अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाला एक जाना-पहचाना तरीका है। हालांकि ईएसपीएन क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉर्ड्स में दोनों ने तीसरे पार्टी के टिकटों का इस्तेमाल करके पहले लगाए गए बैन से बचने की कोशिश की।

कम्बाइन सट्टेबाजी नेटवर्क को बड़ा खतरा मानता है रेगुलेटर

Corruption Danger For The Hundred League
Corruption Danger For The Hundred League (Source: Google)

क्रिकेट रेगुलेटर के इंटीग्रिटी ऑपरेशन्स प्रमुख रयान स्मिथ ने इस तरह की एक्टीविटीज़ को खेल की रिलायबीलिटी के लिए सीरियस खतरा बताया है। उनके मुताबिक, मैदान से बाहर इल्लीगल सट्टेबाजी नेटवर्क के लिए एक्टिव रूप से कमेंट्री करने वाले लोग महज नियम तोड़ने वाले दर्शक नहीं होते, बल्कि कई मामलों में ऑर्गनाइज़्ड आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। स्मिथ के लीडरशिप में रेगुलेटर के पास नौ पूर्णकालिक जांचकर्ता और छह एंटी-करप्शन अधिकारी हैं। संस्था के डायरेक्टर क्रिस हॉवर्ड ने पुलिस में 34 साल तक सेवा की है। हालांकि यह रेगुलेटरी संस्था फ्रीडम के साथ क्रिकेट रेगुलेटरी बोर्ड की निगरानी में काम करती है, लेकिन इसकी फंडिंग ECB से होती है।

स्टोक्स-एटकिंसन मामले में भी हुई थी जांच

Fixing By Stokes And Atkinson
Fixing By Stokes And Atkinson (Source: Google)

रेगुलेटर का काम सिर्फ सट्टेबाजी और भ्रष्टाचार की निगरानी तक लिमीटेड नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड के पहले टेस्ट के बाद बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन के टीम की कर्फ्यू का उल्लंघन करने के मामले में भी जांच की गई थी। जांच के दौरान रेगुलेटर को नियम तोड़ने का पूरा सबूत नहीं मिला था। हालांकि, उसके द्वारा जुटाई गई जानकारी ECB को अपनी आंतरिक जांच के लिए दी गई। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों को उनके खास कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के उल्लंघन का दोषी माना गया और लिखित चेतावनी दी गई। जिसके बाद यह मामला ‘misconduct’ की केटेगरी में आया।

सुरक्षा और डोपिंग भी बड़ी जिम्मेदारियां

Security And Doping Allegations
Security And Doping Allegations (Source: Google)

रेगुलेटर्स की चार मेन फील्ड में ‘safeguarding’ भी शामिल है। इसमें ऐसे लोगों की जांच की जाती है, जिनके खिलाफ क्रिकेट से बाहर सीरियस अपराधों के आरोप हों और जिनकी वजह से उन्हें खेल में पार्टिसीपेट लेने से बैन किया जाना चाहिए। खासतौर पर एंटरटेंमेंट और क्लब क्रिकेट में इस तरह के मामलों पर खास नजर रखी जाती है। तीसरा खास पार्ट एंटी-डोपिंग है, इसमें बैन्ड सबस्टेंसेस की लिस्ट में शामिल दवाओं और सप्लीमेंट्स के अलावा खिलाड़ियों को लगातार अवेयर करने पर भी जोर दिया जाता है।

चौथा पार्ट एंटी-करप्शन है, जिसमें खिलाड़ियों और क्रिकेट से जुड़े लोगों को भ्रष्टाचार के खतरों के खिलाफ जागरूक करना अहम हिस्सा है। द हंड्रेड जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान इस डिपार्टमेंट का रोल और भी खास हो जाता है, क्योंकि सट्टेबाजी और भ्रष्टाचार से जुड़ी कोशिशों पर नजर रखने के लिए ऑफिसर लगातार एक्टिव रहते हैं।

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Rishabh Pandey

ऋषभ पांडे पिछले चार साल से पत्रकारिता के फिल्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं