MS Dhoni : आखिर क्यों कर रहे हैं माही नंबर 8 पर बैटिंग

Summary :

जब भी विशाखापट्टनम के मैदान की बात होती है तो सबसे पहले नाम महेंद्र सिंह धोनी का नाम आता है। 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी पारी को आज भी लोग याद किया करते। धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन की पारी खेली थी और पाकिस्तान के हर एक गेंदबाज़ की गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा था।       HIGHLIGHTS MS Dhoni ने 16 गेंद पर 37 रन बनाए अपनी पारी से दिलाई पुराने दिनों को याद दिल्ली ने चेन्नई को 20 रन से हराया ऐसा ही कुछ कल फिर से विशाखापट्टनम के मैदान पर…

जब भी विशाखापट्टनम के मैदान की बात होती है तो सबसे पहले नाम महेंद्र सिंह धोनी का नाम आता है। 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी पारी को आज भी लोग याद किया करते। धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन की पारी खेली थी और पाकिस्तान के हर एक गेंदबाज़ की गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा था।

      HIGHLIGHTS

  • MS Dhoni ने 16 गेंद पर 37 रन बनाए
  • अपनी पारी से दिलाई पुराने दिनों को याद
  • दिल्ली ने चेन्नई को 20 रन से हराया

ऐसा ही कुछ कल फिर से विशाखापट्टनम के मैदान पर देखने को मिला। चेन्नई के सामने 192 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य था। चेन्नई के 5 बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। यहां से चेन्नई की जीत की उम्मीद ना के बराबर मानी जा रही थी। मैच पूरी तरह से बोर माना जा रहा था ऐसे में शिवम् दुबे लॉन्ग ऑफ पर छक्का मारने के चक्कर में आउट हो जाते हैं। लेकिन यह कैच एक दम से एक बोरिंग मैच में उत्साह का संचार कर देता है जैसे कि कोई ज्वालामुखी फटा हो उस विकेट के गिरने के बाद मैदान पर एंट्री होती है महेंद्र सिंह धोनी, यानी माही यानी की थाला। फैंस नजाने इस खिलाड़ी को किस किस नाम से जानते हैं। खैर यह तो रही नाम की बात 2005 में जो खिलाड़ी अपने लंबे-लंबे बालों और लंबे-लंबे छक्कों के लिए जाना चाहता हैं। आज वह फिर से उसी लुक में मैदान पर बल्लेबाज़ी करने के लिए आ चुका था। सामने गेंदबाज थे मुकेश कुमार उन्होंने माही को पहली शॉट पिच डाली और बल्ले से आवाज़ आई.. टक और पूरा स्टेडियम झूमने लगा धोनी ने पहली ही बॉल बाउंड्री के बाहर फेंक दी और दूसरी गेंद पर किस्मत ने भी उनका पूरा साथ दिया जब खलील अहमद ने उनका कैच छोड़ दिया शायद वो भी माही की बैटिंग देखना चाहते थे। इसके बाद तो धोनी हर दूसरी तीसरी बॉल को बाउंड्री के बाहर फेंकने लगे। चेन्नई को आखिरी ओवर में असंभव 42 रन की दरकार थी जिसमे उन्होंने 2 चौके और 2 छक्कों सहित 20 रन बटोरे। धोनी की अगर पारी की बात करें तो 16 गेंद में 37 रन की पारी खेली जिसमे उन्होंने 4 चौके और 3 छक्के लगाए।


अब धोनी की पारी देखने के बाद सभी कह रहे हैं कि जब धोनी इतनी शानदार पारी खेल सकते हैं तो फिर उन्होंने ऊपर आकर बैटिंग क्यों नहीं की, अगर धोनी ऊपर आते तो शायद धोनी चेन्नई को मैच जीता भी देते। लोगों की बात है भी सही, भला चेन्नई सुपर किंग्स टीम में इस समय ऐसा कौन सा खिलाड़ी है जिसके पास इतना अनुभव हो और इतनी ताकत से वर्ल्ड के टॉप क्लास गेंदबाजों को हिट करने की क्षमता रखते हो। लेकिन असल में बात यह है कि एक तो धोनी इम्पैक्ट प्लेयर नियम की वजह से नीचे आते हैं बल्कि अभी भी उनके पैरों में दिक्कत देखी गई। मैच के बाद धोनी को अपने काफ़ में आइस पैक लगाते देखा जिसे देख फैंस मायूस हुए होंगे। आपको धोनी की वह बात तो याद ही होगी जब उन्होंने बतायाथा कि वह सिर्फ अपने फैंस के लिए अब खेलेंगे। 2019 वर्ल्ड कप में संन्यास के बाद धोनी सिर्फ आईपीएल खेलते हैं। और हर बार उनसे एक ही सवाल पुछा जाता है कि क्या यह उनका आखिरी साल है लेकिन धोनी पिछले 5 साल से लगातार खेल रहे हैं। धोनी जब खेलते हैं तो फैंस की साँसें थम जाती हैं। लेकिन वह भी एक इंसान हैं और ऐसे में उनकी उम्र भी 42 हो चुकी हैं जो अब कभी कभार उनपर हावी होते हुए दिखती हैं लेकिन उन्होंने अभी तक अपने प्रदर्शन पर इसका असर नहीं पड़ने दिया है।
यहां तक की इनकी फिटनेस को देखते हुए फैंस धोनी की टी20 वर्ल्ड कप में खेलने की भी मांग कर रहे हैं। तो अब आप हमे बताइए कि क्या टी20 वर्ल्ड कप में धोनी रिटायरमेंट से वापसी करते हुए टी20 वर्ल्ड कप में खेलेंगे या फिर नहीं। इसी तरह की क्रिकेट से रिलेटेड ख़बरों को देखने के लिए देखते रहिये क्रिकेट केसरी और वीडियो को लाइक और शेयर करना ना भूलें।

Ravi Kumar

I have a vision to prepare myself as well as others in such a way that our tomorrow becomes wonderful.