महज 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले वैभव सूर्यवंशी लगातार सुर्खियों में हैं। उन्होंने भारत की मेन्स टीम के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया और कुछ ही मुकाबलों के बाद जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार अर्धशतक जड़कर इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।
वैभव की इस शानदार शुरुआत ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बना दिया है। हालांकि, पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा का मानना है कि इतनी कम उम्र में मिली सफलता के बाद सबसे बड़ी चुनौती खुद को लंबे समय तक उसी लेवल पर बनाए रखना होगी।
Robin Uthappa Warning To Vaibhav Sooryavanshi: कांबली और पृथ्वी शॉ का दिया उदाहरण

अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान रॉबिन उथप्पा ने कहा कि इंडियन क्रिकेट में पहले भी कई ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी आए, जिन्होंने कम उम्र में जबरदस्त पहचान बनाई, लेकिन समय के साथ उनका करियर पटरी से उतर गया। उन्होंने विनोद कांबली और पृथ्वी शॉ का एक्ज़ाम्पल देते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों को शुरुआती दिनों में फ्यूचर का सुपरस्टार माना जाता था। लेकिन क्रिकेट से इतर कई वजहों के कारण वे अपनी एबीलिटी के साथ न्याय नहीं कर पाए। उथप्पा का मानना है कि वैभव को भी इन एक्ज़ाम्पल से सीख लेनी चाहिए।
अगले पांच साल होंगे सबसे अहम

उथप्पा के मुताबिक, वैभव के करियर का असली टेस्ट अब शुरू होगा। उनका कहना है कि आने वाले पांच सालों में यह देखना होगा कि क्या वह पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित रख पाते हैं और अपनी साफ-सुथरी इमेज बरकरार रख पाते हैं या नहीं? उन्होंने कहा कि, वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और उनके आसपास ऐसे लोगों की जरूरत है जो सही दिशा में उनका मार्गदर्शन करें। उनके मुताबिक, अगर वैभव सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देंगे, तो वह फ्यूचर में वो और भी बड़े खिलाड़ी बन सकते हैं।
विज्ञापनों और पॉपुलैरिटी से बनाई दूरी

उथप्पा ने वैभव की सबसे बड़ी खूबी उनकी सादगी और डीसिप्लेन को बताया। उन्होंने कहा कि यह पॉजिटीव सिग्नल है कि वैभव फिलहाल विज्ञापनों और बिज़नेस के समझौतों की बजाय सिर्फ क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी लोग उन्हें एक बच्चे के रूप में देखते हैं, लेकिन जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ेगी, पॉपुलैरिटी और ग्लैमर भी उनके आसपास बढ़ेगा। ऐसे समय में खुद को संभालना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है।
सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह

रॉबिन उथप्पा ने यह भी कहा कि फिलहाल वैभव को सोशल मीडिया से दूर रखना ही बेहतर होगा। उनका मानना है कि यह युवा खिलाड़ी पूरी तरह क्रिकेट पर केंद्रित है और उसे बाहरी शोर-शराबे से बचाने की जरूरत है। उथप्पा ने विराट कोहली का एक्ज़ाम्पल देते हुए कहा कि कुछ खिलाड़ी जन्म से ही क्रिकेट के लिए बने होते हैं और वैभव भी उन्हीं में से एक नजर आते हैं। अगर उन्हें सही माहौल और अच्छा मार्गदर्शन मिलता रहा, तो वह आने वाले सालों में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।
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