…आखिर क्यों लिया इस पाकिस्तानी क्रिकेटर ने अचानक संन्यास

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कराची : पाकिस्तानी स्पिनर सईद अजमल का करियर हमेशा उतार चढ़ाव भरा रहा जब वे सफलता के चरम पर थे उनके एक्शन पर प्रतिबंध लगा लेकिन अजमल ने फिर वापसी की लेकिन तब तक उनकी गेंदबाजी में वो धार न रह सकी इसके बाद तो जैसे अजमल पाकिस्तानी क्रिकेट टीम से जैसे गायब ही हो गए लेकिन उनकी चयन न होना भी चर्चा में रहा और हर बार उनके चयन की उम्मीद कायम रहती थी।

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अंततः अजमल ने गेंदबाजी एक्शन में बदलाव करने के दो साल बाद आज क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की।अपने सफल लेकिन विवादास्पद करियर के दौरान अजमल एक समय एकदिवसीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय में दुनिया के नंबर एक गेंदबाज थे और टेस्ट मैचों में भी काफी सफल थे।

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उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2012 में तीन टेस्ट मैचों में 24 विकेट लिये थे.लेकिन इसके बाद उनका गेंदबाजी एक्शन गैरकानूनी करार दिया गया और उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया। उन्होंने बदले हुए एक्शन के साथ 2015 में वापसी की लेकिन उनकी गेंदबाजी में अब पहले जैसी मारक क्षमता नहीं थी।गेंदबाजी की अनुमति मिलने के बाद उन्होंने बांग्लादेश में दो वनडे और एक टी20 में केवल एक विकेट लिया. इसके बाद उन्हें कभी राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया।

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अजमल ने रावलपिंडी से एएफपी से कहा, ‘‘मैं वर्तमान राष्ट्रीय टी20 टूर्नामेंट के बाद क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूं। मेरा करियर काफी संतोषजनक रहा जिसमें मैंने जो भी लक्ष्य तय किये उन्हें हासिल किया और टीम की जीत में योगदान दिया।’’ अजमल ने 35 टेस्ट मैचों में 178 विकेट, 113 वनडे में 184 विकेट और 64 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 85 विकेट लिए। अपने सफल करियर के बावजूद अजमल ने कहा कि पिछले दो साल उनके लिये निराशाजनक रहे।

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उन्होंने कहा, ‘‘एक्शन को लेकर प्रतिबंध से मैं काफी निराश और आहत था. सबसे ज्यादा पीड़ा इंग्लैंड के तेज वर्तमान तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्राड की टिप्पणी से हुई जिसमें उन्होंने मुझ पर सवाल उठाया. लेकिन मैंने सभी को माफ कर दिया।’’

आखिर सईद अजमल ने क्यों दी अपना क्रिकेट किट जलाने की धमकी

 पाकिस्तान के स्पिनर सईद अजमल ने अपनी क्रिकेट किट और दूसरे सामान जलाने की जो धमकी दी थी, उसका असर दिख गया। अजमल को उनके गृहनगर फैसलाबाद के कृषि विश्वविद्यालय ने उसके परिसर में अकादमी बरकरार रखने की मंजूरी दे दी है।

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अजमल ने कहा था कि अगर विश्वविद्यालय के कुलपति इकरार अहमद ने उन्हें अकादमी बंद करने और परिसर में विश्वविद्यालय की जमीन खाली करने के लिए मजबूर किया, तो वे अपना क्रिकेट का सामान जला देंगे। मीडिया ने इसके बाद इस खबर को काफी तवज्जो दी और फिर पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

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अजमल ने कुलपति और फैसलाबाद के डीसीओ से बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘अब सब कुछ सुलझ गया है और मैं बेहद खुश हूं। कुछ दिनों में एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे और अकादमी के सभी वित्तीय मामलों को देखने के लिए प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा।’

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