कैप्टन कूल धोनी हैं हॉकी ‘कप्तान’ की प्रेरणा

Summary :

धोनी क्रिकेटरों के ही नहीं बल्कि भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह के भी प्रेरणास्रोत हैं और ओलंपिक की तैयारी के लिये वह उनसे काफी कुछ सीखने की कोशिश कर रहे हैं।

नई दिल्ली : मैदान पर आपा नहीं खोने की अपनी प्रवृत्ति के कारण महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेटरों के ही नहीं बल्कि भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह के भी प्रेरणास्रोत हैं और ओलंपिक की तैयारी के लिये वह उनसे काफी कुछ सीखने की कोशिश कर रहे हैं। मनप्रीत ने कहा कि मैं बतौर कप्तान धोनी से बहुत कुछ सीखता हूं। वह मैदान पर शांत रहते हैं और ऐसे में फैसले सही रहते हैं। हर खिलाड़ी से बात करते हैं और हौसलाअफजाई करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं जब हॉकी इंडिया लीग में रांची के लिये खेलता था तो वह टीम के सह मालिक थे। 
उनसे बात करके बहुत अच्छा लगता था। मनप्रीत ने कहा कि वह मैदान पर और बाहर ‘कूल’ रहते हैं। कप्तान के शांतचित्त रहने से बहुत फायदा मिलता है। आक्रामकता भी जरूरी है लेकिन दिमाग कूल रहना चाहिये। मैं कोशिश करता हूं कि उनकी तरह मैदान पर आचरण कर सकूं। पिछले महीने भुवनेश्वर में एफआईएच सीरिज फाइनल जीतकर भारतीय हाकी टीम ने नवंबर में होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर में जगह बनाई। भारतीय टीम का लक्ष्य वहां जीत दर्ज करके अगले साल तोक्यो में होने वाले ओलंपिक में जगह बनाना है। 
फिलहाल टीम बेंगलुरू में सात जुलाई से 12 अगस्त तक अभ्यास शिविर में भाग ले रही है। भारतीय हॉकी टीम ने क्रिकेट विश्व कप में भारत के सारे मैच देखे और मनप्रीत का मानना है कि खिताब जीतना ही टीम की श्रेष्ठता का पैमाना नहीं होना चाहिये। उन्होंने कहा कि क्रिकेट भी एक खेल है और हर खेल में उतार-चढाव आते हैं। कोई टीम हारने के लिये नहीं खेलती। हमारी टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और ग्रुप चरण में शीर्ष पर थी। एक दिन खराब किसी का भी हो सकता है। हॉकी में भी होता है और हमें पता है कि कैसा लगता है। टीम को आपके समर्थन की जरूरत होती है।

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