यूरोप और अमेरिका तक पहुंचा चीन का रहस्यमयी निमोनिया, बच्चों से भरे हुए हैं अस्पताल

चीन में तेजी से फैली निमोनिया जैसी बीमारी बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है। इस बीमारी ने दुनिया की चिंता में इजाफा कर दिया है। चीन में अपने पैर प्रसार रही इस बीमारी के बाकी देशों में भी तेजी से फैलने का अंदेशा जताया जा रहा है। चीन की ओर से हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन को बताया गया है कि किसी नई बीमारी के संकेत उनके देश में नहीं मिले हैं। ये सभी पहले से और ज्ञात बैक्टीरि
चीन मे बढ़ती इस बीमारी के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक कॉमन बैक्टीरिया संक्रमण वॉकिंग निमोनिया के मामलों में वृद्धि का कारण बन रहा है। चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी डब्ल्यूएचओ से कहा कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या माइकोप्लाज्मा निमोनिया, आरएसवी, एडेनोवायरस और इन्फ्लूएंजा के चलते बढ़ी है।

अमेरिका मे निमोनिया का प्रकोप
अमेरिका के ओहियो में बड़ी संख्या में बच्चों को रहस्यमय निमोनिया की बीमारी हो गई है. इसकी वजह से उन्हें अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है. चीन में निमोनिया की बीमारी चरम पर है, जहां बच्चों को भारी संख्या में भर्ती किया गया है. हालांकि, ओहियो एक मात्र अमेरिकी राज्य है, जहां चीन जैसी रहस्यमय निमोनिया बीमारी का प्रकोप फैला है. वॉरेन काउंटी के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अगस्त से अब तक 142 चाइल्ड मेडिकल मामले सामने आए हैं, जिन्हें व्हाइट लंग सिंड्रोम नाम दिया गया है.

चीन में रोजाना आ रहे 7000 केस
चीन में रहस्यमयी निमोनिया के प्रतिदिन 7 हजार केस औसतन आ रहे हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजिंग के अस्पताल भी इससे भरे पड़े हैं. बच्चों को अस्पतालों के फर्श पर बैठकर इलाज कराना पड़ रहा है. दुनिया में वैश्विक बीमारी पर नजर रखने वाली प्रोमेड ने भी इसे लेकर एक चेतावनी जारी की है, कोरोना के समय भी इस संस्था ने सबसे पहले दुनिया को चेताया था.

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