Asim munir Statement For Shia Community: खाड़ी देशों में जारी जंग के बीच पाकिस्तान आर्मी के चीफ आसिम मुनीर के हाथ पांव फूलने लगे है और वह अपने ही देश में दो समुदाय के बीच हिंसा भड़काने में लगे हुए है। अफगानिस्तान युद्ध और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के साथ चल रही लड़ाई ने पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया है। जिसके बाद सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने शिया मुसलमानों को अपमानित किया और कहा कि अगर वे ईरान से इतना प्यार करते हैं तो उन्हें ईरान चले जाना चाहिए। यह तनाव भड़काने और शियाओं को हिंसा में लिप्त होने के लिए उकसाने का स्पष्ट प्रयास है।
Asim munir Statement For Shia Community: प्यार है तो ईरान चले जाओ

एक कार्यक्रम के दौरान आसिम मुनीर ने शिया मुसलमानों को ईद के दिन इफ्तार पर अपमानित बयान देते हुए कहा कि ईरान से इतना प्यार करते हैं तो उन्हें ईरान चले जाना चाहिए और पाकिस्तान को छोड़ देना चाहिए। इससे पाकिस्तान में शिया और बहुसंख्यक सुन्नी मुस्लिम आबादी के बीच हिंसा भड़क सकती है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आसिम मुनीर की यह नई चाल स्पष्ट रूप से जनता को बांटने के उद्देश्य से है। पाकिस्तान में शिया और सुन्नी समुदायों के बीच शत्रुता कोई नई बात नहीं है। लेकिन ईरान में चल रहे युद्ध के समय तनाव भड़काना पाकिस्तानी सेना प्रमुख का एक खतरनाक कदम है।
सुन्नी और शिया समुदायों के बीच हिंसा भड़काना
पाकिस्तान में हो रहे घटनाक्रमों पर नजर रख रही भारतीय एजेंसियों का कहना है कि मुनीर का अगला कदम सुन्नी और शिया समुदायों के बीच हिंसा भड़काना है। सेना प्रमुख जनरल जिया-उल-हक के नक्शेकदम पर चल रहे हैं, जिन्होंने पाकिस्तान में शियाओं को दबाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया था। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से ही पाकिस्तान में शिया समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान के समर्थन में निकाली जाने वाली रैलियों को राष्ट्र-विरोधी और सुन्नी-विरोधी करार दिया जा रहा है।
Asim munir Statement: मुनीर के बयान की आलोचना

खाड़ी देशों में युद्ध शुरू होने के बाद से शिया समुदाय ईरान के प्रति अपने समर्थन को खुलकर व्यक्त करता रहा है। सऊदी अरब को यह बात पसंद नहीं आई है क्योंकि वह ईरान को अपना शत्रु मानता है। मुनीर पर इन आवाजों को दबाने का दबाव है और यही कारण है कि वह पाकिस्तान में शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच हिंसा भड़कने के लिए बेताब है। इस बयान के बाद शिय समुदाय खुद को अपमानित महसूस कर रहे है और मुनीर के बयान की आलोचना की है।






















