Bangladesh Violence: बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा और नफरत की आग में झुलस रहा है। कट्टरपंथी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के संयोजक और प्रखर छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत की खबर के बाद पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठा है। जैसे ही सिंगापुर के अस्पताल से उसकी मौत की पुष्टि हुई, बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत कई बड़े शहर रणक्षेत्र में तब्दील हो गए।
हजारों की संख्या में आक्रोशित प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने कई जिलों आगजनी की और ‘प्रथोम आलो’ न्यूज चैनल के दफ्तर को जला डाला है। इसके अलावा, हिंसक भीड़ ने ढाका के धनमंडी 32 में फिर से आग लगा दी और तोड़फोड़ की है। इसके अलावा पूरे बांग्लादेश में अवामी लीग के दफ्तरों पर हमलों की खबरें हैं।
Bangladesh Osman Hadi Death: इलाज के दौरान हादी की मौत

सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को हादी की मौत की पुष्टि होते ही ढाका में हजारों समर्थक शाहबाग़ चौराहे पर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर हादी की सुरक्षा में नाकामी का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘शहीद’ घोषित कर न्याय की मांग की। जल्द ही हालात बेकाबू हो गए और उग्र भीड़ ने कई जिलों में आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। अवामी लीग के दफ्तरों को भी निशाना बनाया गया। ढाका की सड़कों पर देर रात तक नारेबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ जारी रही, जिससे पूरे देश में दहशत फैल गई।
प्रोथोम आलो और डेली स्टार के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी

शरीफ उस्मान हादी को पिछले शुक्रवार को ढाका में गोली मारी गई थी। बाद में उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन वहां अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने ढाका में प्रोथोम आलो और डेली स्टार के दफ्तरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
इन घटनाओं के बाद कई भारतीय दूतावासों पर हमला हुआ और प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। चटगांव में भारतीय उच्चायोग पर पत्थरबाजी की गई, और आवामी लीग के कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बांग्लादेश के चार शहरों में भारतीय दूतावासों ने वीजा सेवाएं भी रोक दी हैं। ये शहर हैं ढाका, राजशाही, खुलना और चटगांव।
Who Is Osman Hadi: कौन था उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी, जो शेख हसीना विरोधी इंकलाब मंच के प्रमुख चेहरों में से एक था। 32 साल की उम्र में वह एक प्रमुख राजनेता के रूप में उभर चुका था। वह इंकलाब मंच के प्रवक्ता था और फरवरी 2026 में होने वाले चुनाव में ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर प्रचार कर रहा था। जुलाई 2024 में हुए छात्र विद्रोह के दौरान इंकलाब मंच ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया, जिसके बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा।
इस समूह को एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में देखा जाता है और यह अवामी लीग को खत्म करने की कोशिशों में सबसे आगे था। हालांकि, छात्र विद्रोह में शामिल होने के बाद यूनुस सरकार ने इंकलाब मंच को भंग कर दिया और उसे आगामी चुनावों में हिस्सा लेने से रोक दिया।
उस्मान हादी का जन्म बांग्लादेश के झलकाठी जिले में हुआ था। उनका परिवार धार्मिक और साधारण जीवन जीता था, और उनके पिता एक मदरसा शिक्षक थे। अपने पिता से हादी को अनुशासन, अध्ययन और नैतिक मूल्यों की शुरुआती शिक्षा मिली। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नेसराबाद कामिल मदरसा से प्राप्त की, जहां से उनके विचार और जीवन की दिशा तय हुई।
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