BSNL Director Notice: BSNL के एक वरिष्ठ अधिकारी के प्रयागराज दौरे को लेकर जारी किए गए प्रोटोकॉल ने विवाद खड़ा कर दिया। प्रोटोकॉल के सार्वजनिक होने के बाद इसे लेकर आलोचना शुरू हुई और 19 फरवरी को होने वाला यह दौरा रद्द कर दिया गया। अब इस पूरे मामले पर आधिकारिक सूत्रों का बयान सामने आया है।
BSNL Director Notice: दौरे से पहले जारी हुआ प्रोटोकॉल

सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के डायरेक्टर विवेक बंजल (Vivek Banzal) का 19 फरवरी को प्रयागराज जाने का कार्यक्रम तय था। इस दौरे के लिए डीजीएम स्तर से एक विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया गया था। इसमें उनके आगमन से लेकर दिनभर की गतिविधियों तक की पूरी योजना तैयार की गई थी।
प्रोटोकॉल में मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तय किया गया था। प्रयागराज पहुंचने के समय, संगम स्नान, स्नान के बाद कपड़ों की व्यवस्था, भोजन, विश्राम और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हर छोटी से छोटी जरूरत का उल्लेख दस्तावेज में किया गया था।
50 से अधिक अधिकारियों की ड्यूटी
जारी निर्देशों के अनुसार, डायरेक्टर के दौरे को सुचारु बनाने के लिए 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। उद्देश्य यह था कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। यहां तक कहा गया था कि स्नान के बाद इस्तेमाल होने वाले तौलिया या अन्य प्राइवेट वस्तुओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए और कोई सामान छूटे नहीं। इस तरह की बारीकियों को शामिल किए जाने से प्रोटोकॉल चर्चा का विषय बन गया।
Vivek Banzal: सोशल मीडिया पर उठे सवाल
जैसे ही यह दस्तावेज इंटरनेट मीडिया पर सामने आया, लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने इसे ‘शाही इंतजाम’ बताते हुए सवाल उठाए कि क्या एक सरकारी अधिकारी के लिए इतनी व्यापक व्यवस्था जरूरी थी। मामला तेजी से फैलता गया और उच्च स्तर तक पहुंच गया। बढ़ती आलोचना को देखते हुए अगले ही दिन विवेक बंजल का प्रयागराज दौरा रद्द कर दिया गया।
Jyotiraditya Scindia: आधिकारिक सूत्रों का बयान

अब इस पूरे मामले पर आधिकारिक सूत्रों का बयान सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, जारी किया गया प्रोटोकॉल पूरी तरह अनुचित और निंदनीय था। इस मामले को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अनुचित और अस्वीकार्य बताया। साथ ही यह भी कहा कि निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। उन्हें सात दिनों के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं लेगी।
BSNL का बयान
बीएसएनएल के जनसंपर्क अधिकारी आशीष गुप्ता ने दौरा रद्द होने की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है, इसलिए जारी किया गया प्रोटोकॉल अब अमान्य है। हालांकि, प्रोटोकॉल को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की थी।
अब सभी की नजर डायरेक्टर द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है। यह मामला सरकारी अधिकारियों के लिए जारी होने वाले प्रोटोकॉल और संसाधनों के उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ चुका है। आने वाले दिनों में इस पर क्या निर्णय होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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