Chhattisgarh Naxalite Encounter: छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को आज बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया और कई घंटे तक सुकमा के जंगलों में मुठभेड़ जारी रही जिसमें जवानों ने 12 नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया है और दूसरी तरफ बिजापुर में भी ताबड़तोड़ कई घंटे तक गोलीबारी जारी रही जिसमें दो नक्सली ढेर हो गए है। मारे गए नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में कई हथियार भी बरामद हुए है।
Chhattisgarh Naxalite Encounter

सुरक्षा बलों ने बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत दक्षिण बस्तर क्षेत्र में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की एक टीम तैनात की गई। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज के अनुसार, सुबह लगभग 5 बजे से डीआरजी कर्मियों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव बरामद किए गए। बता दें कि घने जंगल वाले इलाके में अभियान अभी भी जारी है।
छत्तीसगढ़ | सुकमा जिले के किस्ताराम इलाके के जंगल में DRG और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए: SP सुकमा किरण चव्हाण
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 3, 2026
Sukma Chhattisgarh Encounter

सुकमा जिले के किस्ताराम क्षेत्र के घने जंगलों में गोलीबारी शुरू हुई, जहां सुरक्षा कर्मियों की संयुक्त टीमें खुफिया जानकारी के आधार पर गहन तलाशी अभियान चला रही थीं। नक्सलियों की ओर से सुरक्षा बलों पर भारी गोलीबारी की गई, जिसके चलते दोनों तरफ से कई घंटों तक ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार सुकमा और बीजापुर में मरने वालों की संख्या 14 से अधिक है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मारे गए अधिकांश माओवादी दरभा घाटी समिति (डीवीसीएम) के सदस्य थे, जो माओवादियों का एक प्रमुख संगठन है। कोंटा के अतिरिक्त एसपी आकाश गिरपुंजे की हत्या में कथित तौर पर शामिल नक्सल कमांडर भी मारे गए लोगों में शामिल था, जिससे संगठन को बड़ा झटका लगा है।
Chhattisgarh News Today
घटनास्थल से बरामद हथियारों में एक एके-47 और एक इंसास राइफल के साथ-साथ अन्य गोला-बारूद और विस्फोटक शामिल हैं। अभियान अभी भी जारी है और टीमें इलाके की तलाशी ले रही हैं। घने जंगलों से सुरक्षा बलों की वापसी के बाद ही हताहतों की सही संख्या और मृतकों की पहचान की पुष्टि की जाएगी। नक्सल-विरोधी अभियान की निरंतर और अत्यंत संवेदनशील घटना को देखते हुए, अधिकारियों ने महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा नहीं किया, जिसमें गोलीबारी का सटीक स्थान या तैनात सुरक्षा बलों की संख्या शामिल है। ज़मीन पर तैनात जवानों की सुरक्षा के लिए, इस समय ऑपरेशन से जुड़ी विशिष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है।


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