टीबी मुक्त भारत लक्ष्य को लेकर केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की अहम बैठक, जनभागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर

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Chhattisgarh News: देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को तेज़, प्रभावी और परिणाम आधारित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने की। बैठक में राज्य और केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और स्वास्थ्य क्षेत्र में मिशन मोड पर काम करने पर जोर दिया गया।

Chhattisgarh News: टीबी मुक्त भारत पर विशेष फोकस

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि “टीबी मुक्त भारत” का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके लिए जनभागीदारी को मजबूत किया जाएगा ताकि आम लोगों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित हो सके। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक “निक्षय मित्र” जोड़ने, मरीजों को पोषण एवं खाद्य सहायता देने और जोखिम वाले क्षेत्रों में तेजी से एक्स-रे जांच पूरी करने पर सहमति बनी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्यों को 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे जांच की क्षमता बढ़ेगी।

Chhattisgarh News Today: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश

बैठक में दवा विनियमन को सख्त करने, जांच सुविधाओं का विस्तार करने और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। जे.पी. नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं रोगी-केंद्रित होनी चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके। साथ ही, सभी रक्तकोषों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।

नि:शुल्क योजनाओं और खाद्य सुरक्षा पर जोर

नि:शुल्क औषधि एवं नि:शुल्क जांच योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खाद्य पदार्थों में मिलावट पर कड़ा नियंत्रण रखने और खाद्य एवं औषधि परीक्षण की क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा गया। ग्रामीण क्षेत्रों से खाद्य और औषधि नमूनों की जांच बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।

कैंसर, मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान

कैंसर उपचार को मजबूत करने के लिए सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया। गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी करने की बात भी कही गई। कुष्ठ रोग नियंत्रण के लिए हर तीन महीने में सक्रिय रोगी खोज अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

राज्य की मांग और केंद्र का आश्वासन

बैठक में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए अलग अस्पताल स्थापित करने की मांग रखी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की और मानव संसाधन के क्षेत्र में अतिरिक्त सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

केंद्र-राज्य साझेदारी पर जोर

अंत में जे.पी. नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य सुधारों की मजबूत नींव केंद्र और राज्य की साझेदारी से ही संभव है। उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि ठोस और मापने योग्य परिणाम हासिल करना है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।

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