Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं, लोककला, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक आस्थाओं से समृद्ध छत्तीसगढ़ को अब हेरिटेज, ट्राइबल, ग्रामीण और इको-टूरिज्म के रूप में संगठित रूप से विकसित किया जा रहा है। इस पूरे प्रयास में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में विभाग योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है।
CM Vishnu Deo Sai: बस्तर दशहरा से छत्तीसगढ़ की पहचान

प्रदेश के स्थानीय उत्सव, विशेषकर बस्तर दशहरा, ने छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराएं केवल मंदिरों और स्थापत्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नाचा परंपरा, 13 पारंपरिक वाद्ययंत्र, लोकनृत्य और लोकगीत राज्य की समृद्ध विरासत के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धार्मिक आस्थाओं में यहां भगवान राम को ‘भाँचा राम’ या ‘वनवासी राम’ के रूप में पूजा जाता है, क्योंकि उनके वनवास के लगभग दस वर्ष दंडकारण्य क्षेत्र में व्यतीत हुए थे।
युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की योजना

राज्य सरकार पर्यटन को केवल भ्रमण का साधन न मानकर इसे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। भोरमदेव जैसे ऐतिहासिक स्थलों को टूरिज्म कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रियायती पर्यटन पैकेज शुरू किए गए हैं, ताकि आम नागरिक भी प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकें। होमस्टे पॉलिसी के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को सीधे पर्यटन से जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर आय और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रदेशभर में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है तथा रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। इससे पर्यटन को नई गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों को नई दिशा मिलेगी
मंत्री राजेश अग्रवाल का दृष्टिकोण

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का सशक्त माध्यम है। उनके अनुसार, पर्यटन केवल यात्रा नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और स्थानीय समुदायों की भागीदारी का संगम है। हमारा लक्ष्य है कि पर्यटन से होने वाला लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच मिले।
मंत्री अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास के साथ-साथ संरक्षण और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि जनजातीय विरासत और ऐतिहासिक धरोहरें सुरक्षित रहें। भविष्य की दिशा सरकार की नीतियों और योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। बेहतर सड़कें, आवास, गाइड सुविधाएं और सांस्कृतिक आयोजनों के कारण छत्तीसगढ़ की ओर पर्यटकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बनेगा।
रिपोर्ट- आनंद खरे





















