Sonia Gandhi Hospitalised: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को सोमवार रात दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें रात करीब 10 बजे अस्पताल लाया गया। फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। अस्पताल प्रशासन ने उनकी सेहत को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की है।
Sonia Gandhi Hospitalised: सांस लेने में तकलीफ बनी भर्ती की वजह
सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने बताया कि सोनिया गांधी को सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि ठंडे मौसम और बढ़ते प्रदूषण के कारण उनका ब्रोंकियल अस्थमा कुछ ज्यादा सक्रिय हो गया है। सावधानी के तौर पर डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने का फैसला लिया ताकि लगातार निगरानी और सही इलाज किया जा सके।

Sonia Gandhi Admitted to Hospital: फिलहाल स्थिर है सोनिया गांधी की हालत
अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया है कि सोनिया गांधी की हालत इस समय पूरी तरह स्थिर है। डॉक्टरों के अनुसार, वे इलाज के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया दे रही हैं। उन्हें एंटीबायोटिक्स और अन्य जरूरी सहायक दवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी क्लिनिकल स्थिति में सुधार हो रहा है और यदि सब कुछ ठीक रहा तो एक या दो दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
कई बार हों चुकी हैं भर्ती
यह पहला मौका नहीं है जब सोनिया गांधी को स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती कराया गया हो। बीते कुछ वर्षों से वे उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण नियमित रूप से मेडिकल जांच और इलाज कराती रही हैं। इसी वजह से वे कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी सीमित रूप से ही नजर आती हैं।

Sonia Gandhi in Ganga Ram Hospital: राजनीति में ऐसे रखा था कदम
सोनिया गांधी ने साल 1997 में कोलकाता में हुए कांग्रेस के पूर्ण अधिवेशन के दौरान पार्टी की औपचारिक सदस्यता ली थी। इसके एक साल बाद, 1998 में, वे कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं। उस समय पार्टी राजनीतिक संकट, आंतरिक मतभेद और लगातार चुनावी हार से गुजर रही थी। तब कांग्रेस केवल कुछ ही राज्यों में सत्ता में थी।

विदेशी मूल विवाद और इस्तीफे की पेशकश
राजनीति में आगे बढ़ते हुए सोनिया गांधी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मई 1999 में कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उनके विदेशी मूल को लेकर सवाल उठाए। इस विवाद के दौरान सोनिया गांधी ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। हालांकि पार्टी के अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में खड़े होकर उनका नेतृत्व बनाए रखने की मांग की।
कांग्रेस को दिलाई ऐतिहासिक जीत
सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लगातार दो लोकसभा चुनाव जीते और 2000 के दशक में देश के 16 राज्यों में सरकार बनाई। बाद में उन्होंने 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया। वर्तमान में वे राज्यसभा की सदस्य हैं और पार्टी की एक मार्गदर्शक भूमिका निभा रही हैं।
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