बिजली उत्पादन से इंफ्रास्ट्रक्चर तक बड़ा विस्तार! छत्तीसगढ़ ने ऊर्जा क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान, डॉ. रोहित यादव ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य के ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि प्रदेश को देश की “ऊर्जा राजधानी” बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन, पारेषण (ट्रांसमिशन) और वितरण, तीनों ही क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आने वाले तीन वर्षों के लिए एक ठोस और दूरदर्शी योजना तैयार की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा क्षमता और मजबूत होगी। Chhattisgarh News: स्थापित क्षमता में लगातार…

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य के ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि प्रदेश को देश की “ऊर्जा राजधानी” बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन, पारेषण (ट्रांसमिशन) और वितरण, तीनों ही क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आने वाले तीन वर्षों के लिए एक ठोस और दूरदर्शी योजना तैयार की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा क्षमता और मजबूत होगी।

Chhattisgarh News: स्थापित क्षमता में लगातार बढ़ोतरी

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डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30,671.7 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ताप विद्युत का है, जो 28,824 मेगावाट है। इसके अलावा 220 मेगावाट जल विद्युत से और 2,047 मेगावाट सौर, बायोमास जैसे नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ऊर्जा स्रोतों का संतुलन बनाए रखने पर जोर दे रही है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सके और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिले।

पंप स्टोरेज और नई परियोजनाओं पर जोर

राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में पंप स्टोरेज परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लागू की है। इसके तहत 8,300 मेगावाट क्षमता वाले छह स्थानों की पहचान की गई है। इनमें से पांच स्थानों की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। निजी क्षेत्र में भी करीब 5,000 मेगावाट की परियोजनाओं पर काम जारी है। इसके अलावा 32,100 मेगावाट की नई ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एमओयू (समझौता ज्ञापन) किए गए हैं। इन परियोजनाओं में ताप विद्युत, न्यूक्लियर, फ्लोटिंग सोलर और पंप स्टोरेज जैसी योजनाएं शामिल हैं। इनसे राज्य में लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना बन रही है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।

बड़े बिजली संयंत्रों की प्रगति

ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए कई बड़े संयंत्रों पर कार्य जारी है। कोरबा पश्चिम क्षेत्र में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों की स्थापना की जा रही है। वहीं मड़वा में 800 मेगावाट की एक नई इकाई पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य की उत्पादन क्षमता में और इजाफा होगा।

पारेषण व्यवस्था का आधुनिकीकरण

बिजली उत्पादन के साथ-साथ पारेषण व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में उपकेंद्रों की संख्या 132 से बढ़ाकर 137 कर दी गई है। इसके अलावा 5,200 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर बिछाई गई है, जिससे 131 उपकेंद्रों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा गया है। इससे बिजली आपूर्ति की निगरानी और नियंत्रण अधिक प्रभावी हो सकेगा और तकनीकी खामियों को जल्दी दूर किया जा सकेगा।

वितरण क्षेत्र में बेहतर सेवाएं

वितरण क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार हुए हैं। वर्तमान में 65 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली सेवा प्रदान की जा रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आम लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम योजना और किसान विद्युत सहायता योजना के जरिए लाखों परिवारों और किसानों को राहत मिली है। क्रेडा (छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) के माध्यम से हजारों सोलर पंप और हाईमास्ट लाइटें स्थापित की गई हैं, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रोशनी और सिंचाई की सुविधा बेहतर हुई है।

भविष्य की दिशा

डॉ. रोहित यादव ने विश्वास जताया कि तकनीकी सुधार, डिजिटल नेटवर्क, संतुलित ऊर्जा मिश्रण और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार से छत्तीसगढ़ आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना भी है। इन प्रयासों से न सिर्फ प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। ऊर्जा क्षेत्र में यह विस्तार छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।