DDA के वृक्षारोपण अभियान में शामिल हुए उपराष्ट्रपति धनखड़

Summary :

DDA ; उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक अभियान के तहत यहां यमुना नदी के किनारे असिता पारिस्थितिक पार्क में वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया। इस अभियान का उद्देश्य हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पारिस्थितिकी को समृद्ध करना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। DDA के वृक्षारोपण अभियान में शामिल हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक अभियान के तहत यहां यमुना नदी के किनारे असिता पारिस्थितिक पार्क में वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया। इस अभियान का उद्देश्य हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पारिस्थितिकी को समृद्ध करना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।‘एक पेड़ मां के नाम’ नामक यह वृक्षारोपण…

DDA

DDA ; उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक अभियान के तहत यहां यमुना नदी के किनारे असिता पारिस्थितिक पार्क में वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया। इस अभियान का उद्देश्य हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पारिस्थितिकी को समृद्ध करना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

DDA के वृक्षारोपण अभियान में शामिल हुए उपराष्ट्रपति धनखड़

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक अभियान के तहत यहां यमुना नदी के किनारे असिता पारिस्थितिक पार्क में वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया। इस अभियान का उद्देश्य हरित क्षेत्र को बढ़ाना और पारिस्थितिकी को समृद्ध करना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।‘एक पेड़ मां के नाम’ नामक यह वृक्षारोपण अभियान दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने चलाया।

डीडीए के वृक्षारोपण अभियान में शामिल हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ – Navyug Sandesh

DDA : राजनिवास के अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को डीडीए और अन्य एजेंसियों, छात्रों, निवासी कल्याण संघों और नागरिकों द्वारा दिल्ली के विभिन्न पार्कों और हरित पट्टियों में 1,11,111 पौधे लगाए गए।धनखड़ ने अपनी मां केसरी देवी के सम्मान में असिता में एक पौधा लगाया जो आईटीओ के सामने यमुना के पूर्वी डूब क्षेत्र में है। उन्होंने ताबेबुइया रोसिया (गुलाबी तुरही) का पौधा लगाया जो एक फूलदार पेड़ की प्रजाति है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ ने भी अपनी मां भगवती देवी के सम्मान में एक पौधा लगाया।

कर्पूरी को उनके जीवनकाल में ही रत्न दिया जाना चाहिए था: उपराष्ट्रपति जगदीप  धनखड़ | इंडिया न्यूज - टाइम्स ऑफ इंडिया

अधिकारियों ने बताया कि असिता में शनिवार को लगाए गए पौधों में जामुन, गूलर, ताबेबुइया रोसिया, अर्जुन, शीशम, अमरूद समेत कई तरह के पौधे शामिल हैं।असिता ईस्ट परियोजना 197 हेक्टेयर के दायरे में फैली हुई है। इसमें से 90 हेक्टेयर भाग डीडीए के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि शेष हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग के अधीन है।

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए हमारा YouTube Channel ‘PUNJAB KESARI’ को अभी subscribe करें। आप हमें FACEBOOK, INSTAGRAM और TWITTER पर भी फॉलो कर सकते हैं।

Abhishek Kumar