राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर है। इसी उपलक्ष्य में रविवार को मध्य प्रदेश के शाजपुर जिले के हायर सेकेंड्री मैदान पर “युवा उत्कर्ष शारीरिक प्रधान कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देवास विभाग के स्वयंसेवकों ने अनुशासन और दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों एवं समाजजनों को संबोधित करते हुए मालवा प्रांत के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख मनीष नीम ने कहा कि भारत प्राचीन काल में विश्व गुरु था, लेकिन आक्रांताओं के आक्रमण के कारण देश को गुलामी का दौर देखना पड़ा। हालांकि, इसके बाद देश ने पुनः प्रगति की राह पकड़ी, जिसमें युवाओं की अहम भूमिका रही। उन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अपना सर्वस्व अर्पित किया और देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि युवाओं को "उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयासरत रहने" का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश का भविष्य युवाओं की सोच और उनके लक्ष्यों पर निर्भर करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को सामाजिक समरसता और एकता का संदेश देते हुए कहा कि हम सभी भारत माता की संतान हैं, और हमारा कोई भेदभाव नहीं है। ऐसे में स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी है कि वे समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ें और देश को सशक्त बनाने में योगदान दें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और नगरवासियों की उपस्थिति रही।


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