अयोध्या के संतों ने मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित करने के बीकेटीसी के प्रस्ताव का किया स्वागत

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Entry of Non-Hindus Prohibited: बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने को लेकर लाए जा रहे प्रस्ताव का अयोध्या के संतों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह सही फैसला है और सबके हित में है। महामंडलेश्वर विष्णु दास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जब हिंदू मक्का और मदीना नहीं जा सकते, जब हिंदुओं को मस्जिदों में जाने की इजाजत नहीं है, तो तीर्थ स्थलों पर गैर-हिंदुओं का क्या काम? इस संदर्भ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुत अच्छा फैसला किया…

Entry of Non-Hindus Prohibited: बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने को लेकर लाए जा रहे प्रस्ताव का अयोध्या के संतों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह सही फैसला है और सबके हित में है।

महामंडलेश्वर विष्णु दास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जब हिंदू मक्का और मदीना नहीं जा सकते, जब हिंदुओं को मस्जिदों में जाने की इजाजत नहीं है, तो तीर्थ स्थलों पर गैर-हिंदुओं का क्या काम? इस संदर्भ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुत अच्छा फैसला किया है और वहां के धार्मिक नेताओं ने भी इसका समर्थन किया है, क्योंकि उत्तराखंड देवभूमि है, जहां ऋषियों ने तपस्या की और जहां से चार धाम यात्रा शुरू होती है।”

उन्होंने कहा कि यहां से जो चार धाम की यात्रा शुरू होती है, वह हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। जो देश में रहकर वंदे मातरम नहीं कह सकता, उसको इस स्थान पर जाने की इजाजत कैसे दी जा सकती है? जो भी इस स्थान पर जाना चाहते हैं, वे राम नाम का जप करके जा सकते हैं और उनको हिंदू धर्म अपनाना पड़ेगा। हिंदुओं के खिलाफ साजिश बंद करनी होगी।

विष्णु दास ने कहा कि मुस्लिमों का एक ही काम होता है, सनातनियों की अस्था पर चोट पहुंचाना। इसीलिए जो फैसला किया गया है, वह सही है और सबके फायदे का है।

साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दासी ने कहा, “उत्तराखंड में कुछ इलाकों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जो बहुत सराहनीय है। मैं इस आदेश का पूरी तरह समर्थन करता हूं और सभी हिंदुओं से अपील करता हूं कि जब भी कट्टरपंथी या चरमपंथी सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिश करें, तो पूरे भारत में सभी तीर्थ और धार्मिक शहरों में गैर-हिंदू व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाए।”

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश के धार्मिक, पौराणिक स्थल और देवस्थान का देखरेख व संचालन करने वाले सभी धार्मिक संगठनों की जो राय और मत होगा, उसी के अनुरूप सरकार आगे कार्य करेगी। सभी पौराणिक महत्व के स्थान हैं और पहले जो कुछ कानून बने हैं, उसका सरकार अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हीं कानूनों के आधार पर सरकार आगे बढ़ेगी।

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