मुश्किल बचपन, मजबूत इरादे और पहली बार में क्लियर किया UPPSC! पढ़ें अलंकार अग्निहोत्री की संघर्ष भरी कहानी

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Who is Alankar Agnihotri: देशभर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इतना ही नहीं, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी इन नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ऐसे में आइए जानते हैं कौन है अलंकार अग्निहोत्री और कैसा रहा उनकी जिंदगी का अब तक का सफर? अलंकार अग्निहोत्री की जिंदगी के बारे में बात करें तो उनकी जिंदगी बिल्कुल आसान नहीं रही है। बहुत कम उम्र में उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई।वे परिवार…

Who is Alankar Agnihotri: देशभर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इतना ही नहीं, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी इन नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ऐसे में आइए जानते हैं कौन है अलंकार अग्निहोत्री और कैसा रहा उनकी जिंदगी का अब तक का सफर?

अलंकार अग्निहोत्री की जिंदगी के बारे में बात करें तो उनकी जिंदगी बिल्कुल आसान नहीं रही है। बहुत कम उम्र में उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई।वे परिवार में सबसे बड़े बेटे हैं और उनके चार छोटे भाई तथा एक बहन हैं। पिता के जाने के बाद घर की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी, लेकिन अलंकार ने हालात से हार नहीं मानी।

Who is Alankar Agnihotri: पढ़ाई के साथ निभाई परिवार की जिम्मेदारी

कठिन परिस्थितियों के बावजूद अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने छोटे भाई-बहनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र में नौकरी भी शुरू कर दी। पढ़ाई और काम दोनों को एक साथ संभालना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने मेहनत और लगन से यह रास्ता चुना। उनका मुख्य उद्देश्य परिवार को आर्थिक सहारा देना और भाई-बहनों का भविष्य सुरक्षित करना था।

Who is Alankar Agnihotri (Image- Social Media)
Who is Alankar Agnihotri (Image- Social Media)

Bareilly News Today: आईटी सेक्टर में किया लंबा काम

परिवार की स्थिति मजबूत करने के लिए अलंकार ने आईटी सेक्टर में कंसल्टेंसी की नौकरी की। उन्होंने लगभग दस वर्षों तक इस क्षेत्र में काम किया। इस दौरान उन्होंने न केवल परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं बल्कि अपने छोटे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनने में भी मदद की। जब परिवार की आर्थिक हालत स्थिर हो गई, तब उन्होंने अपने पुराने सपने, प्रशासनिक सेवा की ओर कदम बढ़ाने का फैसला किया।

पीसीएस की तैयारी और पहली बार में सफलता

साल 2014 में अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी नौकरी छोड़कर पूरी तरह से यूपी पीसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की। तैयारी के दौरान किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंने पहले से एक साल की सैलरी बचाकर रखी थी। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पहले ही प्रयास में पीसीएस परीक्षा पास कर ली। इस परीक्षा में उन्हें 15वीं रैंक मिली और वे डिप्टी कलेक्टर बने।

Who is Alankar Agnihotri (Image- Social Media)
Who is Alankar Agnihotri (Image- Social Media)

शैक्षणिक उपलब्धियां भी रहीं शानदार

अलंकार अग्निहोत्री पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे हैं। वर्ष 1998 में यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में उन्होंने पूरे प्रदेश में 21वां स्थान हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने आईआईटी-बीएचयू से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा पहले से थी, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें पहले नौकरी करनी पड़ी।

प्रशासनिक सेवा में अनुशासन की पहचान

कानपुर के मूल निवासी अलंकार अग्निहोत्री बरेली से पहले लखनऊ, उन्नाव और बलरामपुर में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे प्रशासनिक क्षेत्र में सख्त फैसले लेने और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। अधिकारी और कर्मचारी दोनों ही उन्हें एक जिम्मेदार और ईमानदार अफसर के रूप में देखते हैं।

Who is Alankar Agnihotri (Image- Social Media)
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परिवार और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया

कानपुर स्थित उनके घर पर जब कुछ पत्रकार पहुंचे तो परिवार ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं पड़ोसियों का कहना है कि अलंकार बचपन से ही शांत स्वभाव के और मेहनती व्यक्ति रहे हैं। परिवार का किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं रहा है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।