Gulf War Tension: खाड़ी देशों में जंग से मची अफरा- तफरी, नौकरी छोड़ भारत लौट रहे लोग!

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Gulf War Tension: मिडिल ईस्ट में ईरान- इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों की चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि लंबे समय तक मिडिल ईस्ट को करियर और सुरक्षित भविष्य के लिए दुनिया के सबसे भरोसेमंद क्षेत्रों में गिना जाता था। लेकिन हाल के भू-राजनीतिक तनाव ने इस धारणा को बदल दिया है। अब कई भारतीय प्रोफेशनल्स अपनी दीर्घकालिक करियर (Long Term Career) योजनाओं पर दोबारा सोचने लगे हैं और बड़ी संख्या में लोग भारत लौटने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। Gulf War Tension: ‘सेफ हेवन’ की छवि पर…

Gulf War Tension: मिडिल ईस्ट में ईरान- इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों की चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि लंबे समय तक मिडिल ईस्ट को करियर और सुरक्षित भविष्य के लिए दुनिया के सबसे भरोसेमंद क्षेत्रों में गिना जाता था। लेकिन हाल के भू-राजनीतिक तनाव ने इस धारणा को बदल दिया है। अब कई भारतीय प्रोफेशनल्स अपनी दीर्घकालिक करियर (Long Term Career) योजनाओं पर दोबारा सोचने लगे हैं और बड़ी संख्या में लोग भारत लौटने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

Gulf War Tension: ‘सेफ हेवन’ की छवि पर लगा झटका

Gulf War Tension
Gulf War Tension (Source: Social Media)
  • कई वर्षों से खाड़ी देश भारतीयों के लिए बेहतर नौकरी, उच्च वेतन और सुरक्षित जीवन के कारण आकर्षण का केंद्र रहे हैं।
  • लेकिन मौजूदा तनावपूर्ण हालात ने इस क्षेत्र की स्थिर और सुरक्षित छवि को कमजोर कर दिया है।
  • रिक्रूटमेंट और एग्जीक्यूटिव सर्च कंपनियों के मुताबिक, हाल के दिनों में खाड़ी देशों में काम कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भारत में नौकरी के अवसरों के बारे में पूछताछ में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • एक्सपर्ट्स का कहना है कि युद्ध जैसे हालात ने लोगों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
  • कई वरिष्ठ अधिकारी, जिन्होंने पहले भारत में अच्छे पदों के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे, अब खुद कंपनियों और रिक्रूटमेंट एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं।
  • ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का उदाहरण सामने आया है, जिन्होंने कुछ समय पहले भारत में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर का ऑफर ठुकरा दिया था।
  • लेकिन मौजूदा हालात के बाद उन्होंने खुद भारत में नौकरी की तलाश शुरू कर दी है क्योंकि उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता है।
  • इसी तरह कई ऊर्जा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी अपनी कंपनियों के भारतीय ऑपरेशन्स में ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं या नई नौकरियों की तलाश में हैं।

War Tension in Gulf: कतर से दुबई तक बढ़ी चिंता

War Tension in Gulf
War Tension in Gulf (Source: Social Media)
  • डर और असुरक्षा की भावना सिर्फ किसी एक देश तक सीमित नहीं है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में रहने वाले भारतीय पेशेवर इस समय अनिश्चितता महसूस कर रहे हैं।
  • कतर में एक बहुराष्ट्रीय टेक कंपनी में काम करने वाले एक भारतीय कर्मचारी ने भारत में नौकरी ढूंढना शुरू कर दिया है।
  • इसके पीछे एक बड़ा कारण उनके परिवार की चिंता भी है। भारत में रहने वाले उनके माता-पिता वहां के हालात देखकर परेशान हैं और चाहते हैं कि उनका बेटा जल्द वापस लौट आए।
  • दुबई में रहने वाले कई भारतीय परिवार भी असमंजस की स्थिति में हैं।
  • वहां के निवासियों को समय-समय पर सुरक्षा अलर्ट जारी किए जा रहे हैं और उन्हें घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है।
  • कुछ मामलों में लोगों को बालकनी और खिड़कियों से दूर रहने की चेतावनी भी दी गई है।
  • हाल ही में दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को एक सुरक्षा अलर्ट के बाद इमारतों से बाहर निकाला गया था।
  • ऐसी घटनाएं लोगों की मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालती हैं और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा देती हैं।
  • हालांकि कुछ विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो सकती है, लेकिन फिलहाल लोगों के मन में बना डर आसानी से खत्म होने वाला नहीं है।

भारत बन रहा बेहतर ऑप्शन

  • दिलचस्प बात यह है कि कई भारतीय पेशेवर सिर्फ डर की वजह से ही नहीं, बल्कि भारत में बढ़ते अवसरों के कारण भी वापसी पर विचार कर रहे हैं।
  • पिछले कुछ वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से मजबूत हुई है और यहां रोजगार के बेहतर अवसर पैदा हुए हैं।
  • पहले भारतीय प्रोफेशनल्स को लगता था कि भारत में सैलरी और करियर ग्रोथ के मामले में ग्लोबल मार्केट के मुकाबले कम अवसर मिलेंगे।
  • लेकिन अब यह अंतर काफी कम हो चुका है। भारत में तेजी से बढ़ रहे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) ने स्थिति बदल दी है।
  • इन सेंटर्स के जरिए कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने महत्वपूर्ण और नेतृत्व से जुड़े काम भारत से ही संचालित कर रही हैं।
  • इससे भारतीय पेशेवरों को देश में रहते हुए भी वैश्विक स्तर के अवसर और बेहतर वेतन पैकेज मिल रहे हैं।
  • यही कारण है कि आज कई भारतीय प्रोफेशनल्स भारत लौटने को मजबूरी नहीं बल्कि एक अच्छा विकल्प मान रहे हैं।
  • खाड़ी देशों की आर्थिक स्थिति भले ही मजबूत बनी हुई हो, लेकिन सुरक्षा को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने ‘गल्फ ड्रीम’ को एक बड़ा झटका दिया है।
  • ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कितने भारतीय पेशेवर वास्तव में स्वदेश लौटने का फैसला करते हैं और भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था इस बदलाव को किस तरह अपने पक्ष में इस्तेमाल करती है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।