एक नए अध्ययन के अनुसार, बचपन में खाया स्वस्थ आहार बच्चियों में समय पूर्व होने वाले मासिक धर्म को रोकने में कारगर साबित होता है। स्वस्था आहार में सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज शामिल है।
ह्यूमन रिप्रोडक्शन नामक पत्रिका में प्रकाशित परिणाम, लड़कियों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) या उनकी लंबाई पर केंद्रित नहीं था।
सर्वविदित है कि जिनको कम उम्र में मासिक धर्म शुरू होता है, उनमें मधुमेह, मोटापा, स्तन कैंसर और हृदय और रक्त वाहिकाओं के रोगों का रिस्क बढ़ जाता है।
अमेरिका के सिएटल में ‘फ्रेड हचिंसन कैंसर सेंटर’ में एसोसिएट प्रोफेसर होली हैरिस ने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे निष्कर्ष सभी बच्चों और किशोरों के लिए स्वस्थ भोजन विकल्पों तक पहुंच की आवश्यकता और साक्ष्य-आधारित दिशानिर्देशों के आधार पर नाश्ते और दोपहर के भोजन के महत्व को उजागर करते हैं।"
यह निष्कर्ष 9 से 14 वर्ष की आयु के 7,500 से अधिक बच्चों पर किए गए, संभावित अध्ययन से आए हैं।
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शोधकर्ताओं ने लड़कियों के आहार का मूल्यांकन दो स्थापित आहार पैटर्न के आधार पर किया: जो वैकल्पिक स्वस्थ भोजन सूचकांक (एएचईआई), और इम्पिरिकल डाइटरी इंफ्लेमेटरी पैटर्न (ईडीआईपी) थे।
एएचईआई में स्वस्थ खाद्य पदार्थ विकल्प जैसे सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज शामिल हैं। जबकि अन हेल्दी फूड आइटम्स जैसे कि रेड और प्रोसेस्ड मीट, ट्रांस वसा और नमक है। दूसरे के मुकाबले पहला विकल्प सेहत के लिए ज्यादा बेहतर माना गया।
ईडीआईपी आहार शरीर में सूजन पैदा करने की उनकी समग्र क्षमता को दर्शाता है।
अधिक सूजन से जुड़े खाद्य पदार्थों में रेड और प्रोसेस्ड मीट, पशु अंगों से प्राप्त मांस, परिष्कृत अनाज और हाई एनर्जी ड्रिंक शामिल हैं।
हैरिस ने कहा, "हमने देखा कि ये दो आहार पैटर्न मासिक धर्म की उम्र से जुड़े थे, जो दर्शाता है कि स्वस्थ आहार सही उम्र में मासिक धर्म शुरू होने से जुड़ा था। महत्वपूर्ण बात यह है कि ये परिणाम बीएमआई और बच्चियों की हाइट से जुड़े नहीं थे। और यही शरीर के आकार की परवाह किए बिना स्वस्थ आहार के महत्व को दर्शाता है।"
शोधकर्ताओं का मानना है कि ये परिणाम बताते हैं कि बचपन और किशोरावस्था के दौरान लड़कियों द्वारा लिए गए भोजन का प्रकार मासिक धर्म के समय को प्रभावित कर सकता है।


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