इजरायली हमलों के बाद तेहरान में छाए काले बादल! आसमान से बरस रहा मौत का काला साया, अलर्ट हुई सरकार

Summary :

Iran Tehran Black Rain: ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार सुबह एक बेहद असामान्य और डराने वाला दृश्य देखने को मिला। आमतौर पर साफ या हल्के रंग की दिखाई देने वाली बारिश की बूंदें इस बार काली और गंदी दिख रही थीं। आसमान में घने काले बादल छाए हुए थे और हवा में धुएं व जलते ईंधन की तेज गंध महसूस की जा रही थी। सरकार ने लोगों को सतर्क करते हुए घरों के अंदर रहने की सलाह दी है, क्योंकि यह बारिश सामान्य नहीं बल्कि जहरीले तत्वों से भरी हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्थिति अमेरिका और…

Iran Tehran Black Rain: ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार सुबह एक बेहद असामान्य और डराने वाला दृश्य देखने को मिला। आमतौर पर साफ या हल्के रंग की दिखाई देने वाली बारिश की बूंदें इस बार काली और गंदी दिख रही थीं। आसमान में घने काले बादल छाए हुए थे और हवा में धुएं व जलते ईंधन की तेज गंध महसूस की जा रही थी। सरकार ने लोगों को सतर्क करते हुए घरों के अंदर रहने की सलाह दी है, क्योंकि यह बारिश सामान्य नहीं बल्कि जहरीले तत्वों से भरी हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्थिति अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद पैदा हुई है।

Iran Tehran Black Rain

Iran Tehran Black Rain
Iran Tehran Black Rain (Source: Social Media)

इन हमलों में तेल रिफाइनरियों और तेल भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया, जिसके कारण बड़े पैमाने पर आग और धुआं फैला। इसी धुएं और प्रदूषण के कारण आसमान से काले रंग की बारिश होने की खबरें सामने आई हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे “अम्लीय वर्षा” यानी एसिड रेन से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि यह साधारण एसिड रेन से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है।

Iran Tehran Black Rain: तेल प्रतिष्ठानों पर हुआ बड़ा हमला

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल की वायु सेना ने ईरान के तेल से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया। खासतौर पर तेहरान के दक्षिण और पश्चिम हिस्सों में स्थित तेल भंडारण केंद्र और रिफाइनरियां निशाने पर थीं। ईरान की फारस समाचार एजेंसी के मुताबिक, इन हमलों में तेहरान और अल्बोर्ज प्रांत में चार बड़े तेल भंडारण केंद्रों और एक तेल उत्पादन एवं ट्रांसफर केंद्र को नुकसान पहुंचा।

इनमें अघदासिये तेल गोदाम (उत्तर-पूर्व तेहरान), शहरान तेल डिपो (पश्चिम तेहरान), दक्षिण में स्थित तेहरान रिफाइनरी और कराज शहर का एक अन्य तेल डिपो शामिल था। इन स्थानों पर हमले के बाद बड़े धमाके हुए और कई जगहों पर भीषण आग लग गई। खासकर शहरान तेल डिपो का दृश्य सबसे ज्यादा डरावना बताया जा रहा है, जहां तेल सड़कों पर फैल गया और आग आसपास के इलाकों तक पहुंच गई।

Israel Iran War: रातभर जलती रहीं सड़कें और आसमान

हमलों के बाद तेहरान में रातभर बेहद भयावह हालात रहे। कई जगहों पर आग की लपटें और धुएं के बड़े गुबार आसमान में उठते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि कुछ समय के लिए रात का आकाश दिन की तरह रोशन हो गया। आग की लाल चमक और धुएं के कारण पूरे शहर का माहौल भयावह हो गया था।

कराज शहर के एक निवासी ने बताया कि पहले एक तेज चमक दिखाई दी, फिर जोरदार धमाका हुआ और उसके बाद शॉकवेव महसूस हुई। इसके बाद कई जगहों पर आग फैल गई और आसमान में धुएं के काले बादल छा गए। अगली सुबह तक शहर धुएं की मोटी परत से ढका हुआ था। सूरज साफ दिखाई नहीं दे रहा था और हवा में जलते तेल की गंध फैल चुकी थी।

Tehran Oil Refineries: काली बारिश की खबरों से बढ़ी चिंता

Iran Tehran Black Rain(image S-M)
Iran Tehran Black Rain(image S-M)

हमलों के बाद तेहरान और आसपास के इलाकों से काली बारिश की खबरें आने लगीं। लोगों ने बताया कि बारिश का पानी सामान्य नहीं था, बल्कि उसमें काले कण और तेल जैसी गंदगी दिखाई दे रही थी। कई लोगों ने शिकायत की कि इस बारिश के बाद उन्हें सिरदर्द, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो रही है। कुछ स्थानों पर इमारतों, सड़कों और गाड़ियों पर भी काले रंग की परत जमती देखी गई। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि वे लगातार वायु गुणवत्ता की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जब तक हालात सामान्य न हों, तब तक बाहर निकलने से बचें।

एसिड रेन से भी ज्यादा खतरनाक स्थिति

Iran Tehran Black Rain(image S-M)
Iran Tehran Black Rain(image S-M)

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि इस तरह की बारिश बेहद खतरनाक हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें सिर्फ अम्लीय तत्व ही नहीं बल्कि कई जहरीले रसायन भी शामिल हो सकते हैं। तेल के बड़े भंडारों में लगी आग के कारण हवा में बड़ी मात्रा में जहरीले गैस और कण फैल जाते हैं। जब ये प्रदूषक बादलों में मौजूद नमी के साथ मिलते हैं, तो बारिश के रूप में जमीन पर गिरते हैं। इस वजह से यह सिर्फ सामान्य एसिड रेन नहीं बल्कि कई तरह के खतरनाक रसायनों से भरी बारिश हो सकती है, जो इंसानों और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।

काली बारिश बनने की वैज्ञानिक वजह

Iran Tehran Black Rain(image S-M)
Iran Tehran Black Rain(image S-M)

वैज्ञानिकों के अनुसार, जब हवा में बहुत ज्यादा प्रदूषण जमा हो जाता है तो बारिश की बूंदें उसे अपने साथ जमीन पर ले आती हैं। तेल डिपो में लगी आग के कारण बड़ी मात्रा में धुआं और जहरीले कण हवा में फैल गए। जब बादल बने और बारिश हुई, तो वही कण बारिश की बूंदों के साथ नीचे गिरने लगे। इस तरह की बारिश में कई खतरनाक तत्व शामिल हो सकते हैं, जैसे—

  • हाइड्रोकार्बन
  • PM2.5 (बहुत छोटे प्रदूषण कण)
  • PAH (कैंसर पैदा करने वाले रसायन)
  • भारी धातुएं
  • अन्य जहरीले रसायन

इसके अलावा तेल के जलने से सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड गैस भी निकलती है। ये गैसें हवा में मिलकर सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक एसिड बना सकती हैं, जो बारिश के पानी में घुल जाते हैं। इसी कारण इसे अम्लीय वर्षा कहा जाता है।

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर

इस तरह की जहरीली बारिश का असर लोगों के स्वास्थ्य पर तुरंत भी दिखाई दे सकता है और लंबे समय में भी खतरा पैदा कर सकता है। कम समय में इसके संपर्क में आने से सिरदर्द, आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है।

बुजुर्ग, छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं ऐसे प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। लंबे समय तक इन जहरीले कणों के संपर्क में रहने से कैंसर, हृदय रोग और नसों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों के रास्ते खून में पहुंच सकते हैं और शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

पर्यावरण और पानी के स्रोतों पर भी खतरा

काली बारिश सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है। जब यह बारिश जमीन पर गिरती है, तो इसमें मौजूद जहरीले पदार्थ नदियों, झीलों और अन्य जल स्रोतों में मिल सकते हैं। इससे पेयजल दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है और जलीय जीवों पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा ये कण इमारतों, सड़कों और वाहनों पर जमा हो जाते हैं और बाद में फिर हवा में फैल सकते हैं, जिससे प्रदूषण का खतरा लंबे समय तक बना रहता है।

हमले में चार लोगों की मौत

इन हमलों के दौरान तेल से जुड़े काम में लगे चार टैंकर ड्राइवरों की मौत भी हो गई। हालांकि असली डर तेहरान और आसपास के शहरों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए है, जो इस जहरीले धुएं और काली बारिश के प्रभाव से जूझ रहे हैं। हमलों की रात लोगों ने सड़कें आग में डूबी हुई देखीं, आसमान लाल रोशनी से चमक रहा था और घने धुएं के बादल पूरे शहर पर छाए हुए थे। तेल डिपो में लगी आग अभी भी कई जगहों पर जल रही है, जिससे हालात सामान्य होने में समय लग सकता है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।