IRGC Attack on USS Abraham Lincoln : मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव और तेज होता दिख रहा है। ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी युद्धपोत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है।
ईरान का कहना है कि अरब सागर में तैनात अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln (CVN‑72) को इस हमले में भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि हमला विफल कर दिया गया और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
दोनों पक्षों ने जारी रखने की कही लड़ाई
मिडिल ईस्ट में पहले से ही बढ़े तनाव के बीच अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच टकराव लगातार गहरा रहा है। अमेरिका और इजरायल ने साफ कहा है कि उनके सैन्य अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक उनके सभी रणनीतिक लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। वहीं ईरान ने भी चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को “सबक सिखाने” तक जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि यह संघर्ष आने वाले कई हफ्तों तक जारी रह सकता है।
ओमान के पास हमले का दावा
ईरान के सरकारी मीडिया Press TV के मुताबिक IRGC ने ओमान के पास तैनात अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की सीमा से करीब 340 किलोमीटर दूर मौजूद युद्धपोत पर सटीक हमला किया गया, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ।
ईरान ने यह भी दावा किया कि हमले के बाद विमानवाहक पोत को पीछे हटना पड़ा और वह सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ गया। इसके अलावा बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे Naval Support Activity Bahrain पर भी ड्रोन हमले किए जाने का दावा किया गया है।
अमेरिका ने दावे को बताया झूठा
दूसरी ओर अमेरिकी नौसेना ने ईरान के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जहाज की ओर बढ़ रहे ईरानी हमले को समय रहते रोक दिया गया। नौसेना के मुताबिक पहले ईरानी जहाज को Mark 45 naval gun से चेतावनी दी गई और बाद में हेलफायर मिसाइलों से लैस हेलीकॉप्टर के जरिए उसे निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि विमानवाहक पोत पूरी तरह सुरक्षित है और उस पर कोई नुकसान नहीं हुआ।
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