New EV Policy in Delhi: दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने और साफ-सुथरे परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी पर काम कर रही है। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को धीरे-धीरे हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। सरकार नई इलेक्ट्रिक कारें खरीदने पर ज्यादा सब्सिडी देने और कई टैक्स में छूट देने की योजना बना रही है।
New EV Policy in Delhi: स्कूल बसों को भी बनाया जाएगा इलेक्ट्रिक
सरकार की योजना है कि आने वाले वर्षों में स्कूल बसों को भी इलेक्ट्रिक बनाया जाए। प्रस्ताव के अनुसार, मार्च 2030 तक दिल्ली में चलने वाली कुल स्कूल बसों में से कम से कम 30 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक होंगी। सूत्रों के अनुसार, नई पॉलिसी लागू होने के दो साल के भीतर स्कूल बसों के पूरे बेड़े का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक हो जाएगा। तीन साल के भीतर यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा और 31 मार्च 2030 तक इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। यह नियम सिर्फ स्कूलों की अपनी बसों पर ही नहीं, बल्कि लीज़ पर ली गई और कॉन्ट्रैक्ट पर चलने वाली बसों पर भी लागू होगा। दिल्ली सरकार का शिक्षा विभाग इस योजना को लागू कराने की जिम्मेदारी निभाएगा।
सरकारी फ्लीट की सभी गाड़ियां होंगी इलेक्ट्रिक
नई पॉलिसी के तहत सरकार अपनी सभी सरकारी गाड़ियों को भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना बना रही है। पॉलिसी के नोटिफिकेशन के बाद सरकारी विभागों के वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने भविष्य के लिए कुछ अहम समयसीमा भी तय करने की योजना बनाई है।
इसके अनुसार:
- 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही मान्य होंगे।
- 1 अप्रैल 2028 से नए रजिस्ट्रेशन के लिए केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ही पात्र होंगे।
- इस कदम का उद्देश्य शहर में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की संख्या कम करना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट
दिल्ली सरकार नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को आने वाले विधानसभा बजट सत्र में पेश कर सकती है। इस पॉलिसी के तहत ₹30 लाख से कम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ किए जाने की संभावना है। सरकार का मानना है कि टैक्स में छूट देने से लोग इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए ज्यादा प्रेरित होंगे और इससे शहर में प्रदूषण भी कम होगा।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सब्सिडी का प्रस्ताव
सरकार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को आर्थिक मदद देने की भी योजना बना रही है। प्रस्ताव के अनुसार अलग-अलग प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग सब्सिडी दी जा सकती है।
- इलेक्ट्रिक कार: ₹10 लाख या उससे अधिक कीमत वाली कारों पर पहले साल ₹1 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है। दूसरे साल यह ₹75,000 और तीसरे साल ₹50,000 तक रह सकती है।
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 तक सब्सिडी का प्रस्ताव है।
- ई-ऑटो: पहले साल ₹40,000 से ₹50,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है, जो तीसरे साल तक घटकर ₹20,000 से ₹30,000 रह जाएगी।
बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट के लिए खास व्यवस्था
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ने से बैटरियों का कचरा भी बढ़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) शहर में कई बैटरी कलेक्शन सेंटर बनाने की योजना बना रही है, ताकि इस्तेमाल हो चुकी बैटरियों को सुरक्षित तरीके से इकट्ठा और रीसायकल किया जा सके।
गाड़ियों से प्रदूषण की बड़ी समस्या
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान टू-व्हीलर का है, जो लगभग 67 प्रतिशत है। वहीं फोर-व्हीलर यानी कारों का योगदान करीब 23 प्रतिशत है। इसी वजह से सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रही है, ताकि आने वाले वर्षों में दिल्ली की हवा को साफ किया जा सके और प्रदूषण को कम किया जा सके।
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