अंगुल में जिन्दल स्टील का मेगा विस्तार, क्षमता दोगुनी होकर 12 MTPA, देश के बड़े एकल स्टील हब में शामिल हुआ संयंत्र

Summary :

Jindal Steel Angul Expansion 12 MTPA: देश के स्टील उद्योग में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए जिन्दल स्टील ने ओडिशा के अंगुल स्थित अपने प्रमुख स्टील प्लांट में 6 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) के विस्तार कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस विस्तार के तहत 3 MTPA क्षमता वाले तीसरे बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF-3) के संचालन शुरू होने के साथ ही प्लांट की कुल स्टील उत्पादन क्षमता अब बढ़कर 12 MTPA हो गई है। इसके साथ ही यह संयंत्र भारत के सबसे बड़े एकल-स्थल स्टील प्लांट्स में शामिल हो गया है। Jindal Steel and Power का बड़ा…

Jindal Steel Angul Expansion 12 MTPA: देश के स्टील उद्योग में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए जिन्दल स्टील ने ओडिशा के अंगुल स्थित अपने प्रमुख स्टील प्लांट में 6 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) के विस्तार कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस विस्तार के तहत 3 MTPA क्षमता वाले तीसरे बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF-3) के संचालन शुरू होने के साथ ही प्लांट की कुल स्टील उत्पादन क्षमता अब बढ़कर 12 MTPA हो गई है। इसके साथ ही यह संयंत्र भारत के सबसे बड़े एकल-स्थल स्टील प्लांट्स में शामिल हो गया है।

Jindal Steel and Power का बड़ा विस्तार

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत BOF-2 और BOF-3 के अलावा कोक ओवन, कोल्ड रोलिंग मिल (CRM) कॉम्प्लेक्स और अन्य अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इन नई इकाइयों के जुड़ने से उत्पादन प्रक्रिया अधिक कुशल, तेज और लागत प्रभावी बनेगी, जिससे कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में भी वृद्धि होगी।कंपनी ने निर्धारित समयसीमा के भीतर इस बड़े विस्तार को पूरा कर अपनी मजबूत परियोजना प्रबंधन क्षमता का प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि के साथ जिन्दल स्टील की कुल उत्पादन क्षमता अब 15.6 MTPA तक पहुंच गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित प्लांट की 3.6 MTPA क्षमता भी शामिल है।

क्षमता बढ़ी, लागत घटी, मुनाफा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बल

विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ी हुई क्षमता से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्लांट का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ मुनाफे में भी इजाफा होने की संभावना है। साथ ही, यह विस्तार देश में स्टील उत्पादन को मजबूती प्रदान करने, औद्योगिक विकास को गति देने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट: रायपुर, आशीष शर्मा/ पंजाब केसरी

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।