दीपक बैज पहले कांग्रेस की डूबती नैया और गुटबाजी को सम्भालें : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नलिनीश ठोकने

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Latest Chhattisgarh News : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए इसे हास्यास्पद और हताशा से भरा बताया है. निलिनीश ठोकने ने कहा कि जो व्यक्ति पिछले तीन वर्षों में अपनी प्रदेश कार्यसमिति तक का गठन नहीं कर सका, वह भाजपा के संगठन और अनुशासित बैठकों पर टिप्पणी करने का दुस्साहस कर रहा है. ‘गुटबाजी में धंसी कांग्रेस’ ​भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ठोकने ने कहा कि कांग्रेस आज गुटबाजी के दलदल में इस कदर धंसी हुई है कि हर नेता खुद को आलाकमान से बड़ा समझता है.…

Latest Chhattisgarh News : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए इसे हास्यास्पद और हताशा से भरा बताया है. निलिनीश ठोकने ने कहा कि जो व्यक्ति पिछले तीन वर्षों में अपनी प्रदेश कार्यसमिति तक का गठन नहीं कर सका, वह भाजपा के संगठन और अनुशासित बैठकों पर टिप्पणी करने का दुस्साहस कर रहा है.

‘गुटबाजी में धंसी कांग्रेस’

​भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ठोकने ने कहा कि कांग्रेस आज गुटबाजी के दलदल में इस कदर धंसी हुई है कि हर नेता खुद को आलाकमान से बड़ा समझता है. प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए कांग्रेस में जो रस्साकशी और सिरफुटौव्वल मची हुई है, वह किसी से छिपी नहीं है।

कांग्रेस की स्थिति आज ऐसी है कि जहां चार नेता मिलते हैं, वहां पांच गुट बन जाते हैं. ठोकने ने बैज को आईना दिखाते हुए कहा कि बैज पिछले तीन वर्षों से अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे हैं, लेकिन अब तक अपनी कार्यसमिति घोषित नहीं कर पाए. क्या यह उनकी अक्षमता नहीं है?

‘कागजों में सिमट गई कांग्रेस’

उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस की बूथ और मंडल कमेटियाँ केवल कागजों पर सिमट कर रह गई हैं. स्वयं कांग्रेस के भीतर उनकी प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं और जाँच की नौबत आ गई है। दरअसल, बैज का अपने ही कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण खत्म हो चुका है, यही कारण है कि वे भाजपा की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली को देख कर विचलित हो रहे हैं।

ठोकने ने नसीहत दी कि बैज को दूसरों के घर में झांकने के बजाय अपनी पार्टी के टूटते हुए ढांचे और नेतृत्व के संकट की चिंता करनी चाहिए। जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस अब केवल बयानबाजी के सहारे ही जीवित रहने की कोशिश कर रही है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।