मंगोलिया में बड़ा हेल्थ मिशन, सर्वाइकल कैंसर रोकथाम के लिए 30-40 उम्र की महिलाओं की होगी HPV जांच

Summary :

Mongolia Cervical Cancer Screening 2026: मंगोलिया में इस साल 30 से 40 साल की 20,000 महिलाओं की HPV जांच की जाएगी। यह वायरस सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने महिलाओं से इस स्क्रीनिंग में भाग लेने की अपील की है। समय पर जांच से इस बीमारी से बचाव और इलाज आसान हो सकता है। स्थानीय मीडिया ने देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि इस साल मंगोलिया में कम से कम 20,000 महिलाओं की ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी। HPV सर्वाइकल कैंसर का एक मुख्य कारण है। मंत्रालय ने इस बात पर…

Mongolia Cervical Cancer Screening 2026: मंगोलिया में इस साल 30 से 40 साल की 20,000 महिलाओं की HPV जांच की जाएगी। यह वायरस सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने महिलाओं से इस स्क्रीनिंग में भाग लेने की अपील की है। समय पर जांच से इस बीमारी से बचाव और इलाज आसान हो सकता है।

स्थानीय मीडिया ने देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि इस साल मंगोलिया में कम से कम 20,000 महिलाओं की ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी। HPV सर्वाइकल कैंसर का एक मुख्य कारण है। मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव है और लक्षित आयु वर्ग की महिलाओं से स्क्रीनिंग कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

मंगोलिया में बढ़ता सर्वाइकल कैंसर खतरा

नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेबल डिज़ीज़ के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर मंगोलिया में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है और पूरे देश में चौथा सबसे आम कैंसर है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि 2025 में, 3.5 मिलियन की आबादी वाले मंगोलिया में सर्वाइकल कैंसर के 551 नए मामले दर्ज किए गए और इससे संबंधित 171 मौतें हुईं। HPV एक आम यौन संचारित संक्रमण है। लगभग सभी यौन रूप से सक्रिय लोग अपने जीवन में कभी न कभी इससे संक्रमित होते हैं, आमतौर पर बिना किसी लक्षण के।HPV त्वचा, जननांग क्षेत्र और गले को प्रभावित कर सकता है।

HPV से बचाव के उपाय: कंडोम, वैक्सीन और जागरूकता

कंडोम HPV से बचाव में मदद करते हैं, लेकिन वे पूरी सुरक्षा नहीं देते क्योंकि वे जननांग की पूरी त्वचा को नहीं ढकते। HPV आमतौर पर बिना किसी इलाज के अपने आप ठीक हो जाता है। कुछ HPV संक्रमणों के कारण जननांगों पर मस्से (warts) हो जाते हैं। अन्य संक्रमणों के कारण असामान्य कोशिकाएं विकसित हो सकती हैं, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेती हैं।

HPV से होने वाले कैंसर से टीकों (vaccines) की मदद से बचा जा सकता है। इस टीके में कोई जीवित वायरस या वायरस का DNA नहीं होता, इसलिए यह कैंसर या HPV से संबंधित अन्य बीमारियां पैदा नहीं कर सकता। HPV टीके का उपयोग HPV संक्रमणों या HPV से होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए नहीं, बल्कि कैंसर को विकसित होने से रोकने के लिए किया जाता है।

सर्वाइकल कैंसर रोकने का सबसे असरदार तरीका

वर्तमान में, सर्वाइकल कैंसर HPV के कारण होने वाला एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसके लिए स्क्रीनिंग टेस्ट उपलब्ध हैं। स्क्रीनिंग टेस्ट का उपयोग तब बीमारी की जांच के लिए किया जाता है जब कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग का उद्देश्य कैंसर बनने से पहले ही कोशिकाओं में होने वाले उन बदलावों का पता लगाना है, जिनका इलाज करके कैंसर को विकसित होने से रोका जा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग उन लोगों की नियमित स्वास्थ्य देखभाल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिनके शरीर में गर्भाशय ग्रीवा (cervix) मौजूद है। इसमें महिलाएं और ऐसे ट्रांसजेंडर पुरुष शामिल हैं जिनके शरीर में अभी भी गर्भाशय ग्रीवा मौजूद है। सर्वाइकल कैंसर HPV के कारण होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है; इसके अलावा पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित करने वाले कुछ अन्य कम आम कैंसर भी हैं, जिनमें एनल, वल्वर, वजाइनल, मुंह/गले और पेनाइल कैंसर शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: ‘सिर्फ सीजफायर नहीं…’, ईरान ने ठुकराया अमेरिका का प्रस्ताव, थमाई 10 शर्तों की लिस्ट

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।