Noida Labour Protest: नोएडा श्रमिक आंदोलन और हिंसा के बीच योगी सरकार ने मजदूरों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में 1,000 से 3,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। योगी सरकार के फैसले के तहत अंतरिम वेतन वृद्धि को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
नोएडा-गाजियाबाद के लिए, नगर निगमों वाले शहरों के लिए और प्रदेश के अन्य जिलों के लिए बढ़ी हुई अंतरिम दरें तय की गई हैं। न्यूनतम वेतनमान में वृद्धि को एक अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा। योगी सरकार ने अंतरिम वेतन वृद्धि को तीन हिस्सों में बांट दिया है, नोएडा-गाजियाबाद के लिए, नगर निगम वाले शहरों के लिए, बाकी प्रदेश के अन्य जिलों के लिए अलग-अलग दर तय की गई है। न्यूनतम वेतन में यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में न्यूनतम वेतन की दरें अधिसूचित की गई हैं, जिनके अनुसार…
- अकुशल श्रमिकों- मासिक मजदूरी 11313.65 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 435.14 रुपये घोषित है।
- अर्धकुशल श्रमिक- मासिक मजदूरी 12,446 रुपये तथा दैनिक मजदूरी 478.69 रुपये
- कुशल श्रमिक- वर्तमान में 13940.37 रुपये तथा दैनिक रूप से 536.16 रुपये
सरकार के अनुसार, इस समय उद्योग क्षेत्र वैश्विक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं और निर्यात में कमी आई है। दूसरी ओर, श्रमिकों की समस्याएं और उनकी मांगें भी महत्वपूर्ण और विचार करने योग्य हैं। ऐसी स्थिति में सरकार का कहना है कि उद्योग और श्रमिक दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और समझदारी भरा निर्णय लेना जरूरी है
Noida Labour Protest: वेज बोर्ड के आधार पर न्यूनतम वेतन
इस संदर्भ में यह भी कहा गया है कि वेतन से जुड़े नियम नई वेतन संहिता के तहत श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। सरकार इन नियमों का पालन करते हुए सभी पक्षों की बात सुनकर न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि कर रही है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी बताया है कि अगले महीने बनने वाले वेज बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम वेतन तय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
Noida Labour Protest: यूपी सरकार ने भ्रामक खबरों को बताया निराधार

उत्तर प्रदेश सरकार स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की जा रही भ्रामक सूचनाएं पूर्णतः निराधार हैं। मुख्यमंत्री द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण एवं औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा नए श्रम कानूनों के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही निरंतर कर रही है।
मुख्यमंत्री ने नियोक्ता संगठनों से भी अपील की है कि वे श्रमिकों को नियमानुसार प्रत्येक माह वेतन, ओवर टाइम का नियमानुसार भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, बोनस तथा सामाजिक सुरक्षा के सभी अधिकार सुनिश्चित करायें। कार्य स्थल पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित कराये।
साथ ही, सरकार ने उन अराजक और बाहरी तत्वों की कड़ी निंदा की है जो माहौल खराब करने या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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